14 साल पुरानी रंजिश में मौसेरे भाई की हत्या, YouTube देखकर रची साजिश
- By Gaurav --
- Tuesday, 13 Jan, 2026
A 14-year-old cousin was murdered, the plot was hatched
14 साल पुरानी रंजिश के चलते अपने ही मौसेरे भाई की हत्या करने के मामले में Gurugram Police की क्राइम ब्रांच पालम विहार ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया है। चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि आरोपियों ने हत्या की साजिश और पुलिस से बचने के तरीके YouTube वीडियो देखकर तैयार किए थे।
आरोपी कौन हैं
पुलिस के अनुसार आरोपियों की पहचान—
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गुरुदत्त शर्मा उर्फ बालेश्वर शर्मा (56), निवासी गांव डकोरा, रोहतक
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अनिल (48), निवासी बागपत, उत्तर प्रदेश
के रूप में हुई है।
पुलिस टीम ने आरोपी गुरुदत्त शर्मा को 10 जनवरी को Dehradun से गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे 4 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। वहीं दूसरे आरोपी अनिल को 12 जनवरी को Muzaffarnagar से गिरफ्तार किया गया।
2011-12 से चली आ रही थी रंजिश
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी गुरुदत्त शर्मा देहरादून में कैफे चलाता है और मृतक संजय शर्मा (50) उसका मौसेरा भाई था।
दोनों का वर्ष 2011-12 तक क्रेशर बजरी का संयुक्त कारोबार था, जो आपसी मनमुटाव के चलते बंद हो गया। इसी रंजिश के कारण दोनों के बीच कई बार विवाद भी हुआ।
ऐसे दिया वारदात को अंजाम
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने पहले मृतक की रेकी करवाई।
पूर्व नियोजित योजना के तहत 6 जनवरी को Rama Garden Sector 37D के पास मृतक की गाड़ी को टक्कर मारी गई।
जैसे ही संजय शर्मा गाड़ी से नीचे उतरा, गुरुदत्त शर्मा ने गोली मारकर उसकी हत्या कर दी।
हत्या के लिए दिए गए 10 लाख रुपये
पूछताछ में यह भी सामने आया कि—
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आरोपी गुरुदत्त और अनिल एक-दूसरे को करीब 10 साल से जानते थे
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अनिल, मुजफ्फरनगर में प्राइवेट बस चालक है
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गुरुदत्त ने हत्या और रेकी के लिए अनिल को 10 लाख रुपये दिए
आरोपियों ने कबूल किया कि हत्या की योजना बनाने और वारदात के बाद पुलिस से बचने के तरीकों के लिए उन्होंने YouTube वीडियो से जानकारी हासिल की और उसी के आधार पर साजिश रची।
ऐसे सामने आया था मामला
आपको बता दें कि 6 जनवरी को Sector 10 Police Station Gurugram को सूचना मिली थी कि सेक्टर-37डी में रामा गार्डन के पास एक व्यक्ति का खून से लथपथ शव पड़ा है।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया।
मृतक की पहचान बसई एन्क्लेव पार्ट-2 निवासी संजय शर्मा के रूप में हुई। मृतक के बेटे ने पुलिस को बताया था कि उनके पिता सुबह दूध लेने के लिए घर से निकले थे और करीब आठ बजे उनके लहूलुहान हालत में पड़े होने की सूचना मिली।
शुरुआती शक कहीं और था
शिकायत में मृतक के बेटे ने बताया था कि उनके पिता डीपीजी कॉलेज में कैंटीन चलाते थे। कुछ दिन पहले कॉलेज में दो गुटों के बीच झगड़ा हुआ था और सीसीटीवी फुटेज को लेकर दबाव बनाया जा रहा था, जिससे शुरुआती शक कॉलेज से जुड़े एक गुट पर गया था।
हालांकि गहन जांच के बाद पुलिस ने असली आरोपियों तक पहुंचकर मामले का सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया।
आगे की कार्रवाई
फिलहाल दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है। पुलिस अन्य सहयोगियों की भूमिका और इस्तेमाल किए गए हथियारों को लेकर भी जांच कर रही है।