हरियाणा में प्रशासनिक बदलाव, 23 जिलों में 7 महिला उपायुक्त तैनात
7 Women Deputy Commissioners Posted Across 23 Districts
चंडीगढ़। 7 Women Deputy Commissioners Posted Across 23 Districts, हरियाणा के 23 जिलों में से सात की कमान महिला उपायुक्तों के हाथ में है। चार जिलों में हरियाणा सिविल सर्विस (एचसीएस) से पदोन्नत होकर भारतीय प्रशासनिक सेवा (आइएएस) में आए अधिकारियों को उपायुक्त बनाया गया है, जबकि तीन जिलों में गैर एचसीएस कोटे से आइएएस बने अधिकारियों को उपायुक्त पद पर लगाया गया है।
मंगलवार रात को किए गए प्रशासनिक फेरबदल में 2013 बैच की आइएएस मंदीप कौर को चरखी दादरी और 2017 बैच की डॉ. वैशाली शर्मा को जींद की उपायुक्त बनाया गया है। इससे पहले 18 मई को 2018 बैच की आइएएस अधिकारी वर्षा खंगवाल को झज्जर की उपायुक्त लगाया गया था।
यमुनानगर में प्रीति तो सोनीपत में नेहा
यमुनानगर में 2015 बैच की प्रीति, सोनीपत में 2015 बैच की नेहा सिंह, कैथल में 2018 बैच की अपराजिता और महेंद्रगढ़(नारनौल) में 2018 बैच की अनुपमा अंजलि पहले से उपायुक्त के रूप में सेवाएं दे रही हैं। इन सात महिला उपायुक्तों में से मंदीप कौर और वर्षा खंगवाल एचसीएस से पदोन्नत होकर आइएएस बनी हैं।
इसी बीच हरियाणा के शासकीय और प्रशासनिक तंत्र पर पैनी निगाह रखने वाले पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार के मुताबिक जब भी कोई व्यक्ति आइएएस अधिकारी बनता है, तो उसकी सबसे पहले यही चाहत होती है कि वह किसी जिले में उपायुक्त बने। वर्तमान में 16 जिलों में यूपीएससी की सीधी भर्ती में चयनित होकर आइएएस बने अधिकारी जिलों में उपायुक्त के रूप में तैनात हैं।
इन IAS को बनाया उपायुक्त
प्रदेश सरकार ने चरखी दादरी, हिसार, झज्जर और पंचकूला में एचसीएस से पदोन्नत होकर आइएएस बने अधिकारियों को उपायुक्त लगाया हुआ है। इन अधिकारियों में चरखी दादरी में 2013 बैच की मंदीप कौर, हिसार में 2017 बैच के महेंद्र पाल, पंचकूला में 2017 बैच के सतपाल शर्मा और झज्जर में 2018 बैच की आइएएस अधिकारी वर्षा खंगवाल शामिल हैं।
इसी तरह तीन जिलों फतेहाबाद, पानीपत और पलवल में गैर एचसीएस कोटे से आइएएस बने अधिकारी उपायुक्त के पद पर तैनात है। इनमें फतेहाबाद जिले में 2016 बैच के डा. विवेक भारती, पानीपत में 2016 बैच के डा. हरीश कुमार वशिष्ठ और पलवल जिले में 2016 बैच के डा. जेन्द्र कुमार छिल्लर शामिल हैं। यह सभी अधिकारी अक्टूबर 2022 में नॉन एचसीएस कोटे से आइएएस बने थे, जबकि बाद में इन सभी को 2016 का बैच वर्ष आबंटित हो गया था।