बिहार बीजेपी का 'कायाकल्प': संजय सरावगी की नई टीम में 50% नए चेहरे; महामंत्री और उपाध्यक्षों की होगी छुट्टी
50% New Faces in Sanjay Saraogi's New Team
पटना। 50% New Faces in Sanjay Saraogi's New Team, सरकार की बागडोर संभालने के साथ ही बिहार भाजपा की ओर से संगठनात्मक चेहरा भी बदलने की तैयारियां तेज हो गई है। संभावना है पांच राज्यों के चुनाव परिणाम आने के साथ ही भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी भी अपनी नई कैबिनेट घोषित कर देंगे।
पटना से लेकर दिल्ली तक के मंथन में तय हुआ है कि आधे से अधिक पदों पर नए चेहरे को विभिन्न दायित्व देकर संगठन गढ़ने में आगे बढ़ाया जाएगा।
वहीं, वर्तमान में कार्यभार देख रहे चार प्रदेश महामंत्री, चार या पांच प्रदेश उपाध्यक्ष, दो मंत्री एवं अन्य पद संभाल रहे प्रदेश पदाधिकारियों को दायित्व मुक्त किया जाएगा। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप एवं सम्राट चौधरी के अध्यक्षीय कार्यकाल के दो-तीन मंत्री को प्रोन्नति देकर प्रदेश उपाध्यक्ष एवं महामंत्री बनाने की तैयारी है।
टीम में होंगे 50 प्रतिशत नए चेहरे
दरअसल, संगठन के भीतर चल रही तैयारियों और मंथन से यह साफ संकेत मिल रहा है कि इस बार टीम में बड़े पैमाने पर बदलाव देखने को मिल सकता है। खास तौर पर 50 प्रतिशत नए चेहरों को आगे लाने और उन्हें दायित्व देने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।
नई टीम के गठन में संगठनात्मक संतुलन, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व एवं सामाजिक समीकरणों का विशेष ध्यान रखा जाएगा। पार्टी नेतृत्व चाहता है कि संगठन में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हो। इसी सोच के तहत युवा कार्यकर्ताओं और जमीनी स्तर पर सक्रिय नेताओं को तरजीह मिलने की संभावना है।
भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व भी राज्यों में संगठन को मजबूत करने पर जोर दे रहा है। बिहार जैसे राजनीतिक रूप से अहम राज्य में संगठन की मजबूती सीधे तौर पर चुनावी प्रदर्शन को प्रभावित करती है। ऐसे में संजय सरावगी की नई टीम को 2029 के लोकसभा चुनाव की रणनीतियों के लिहाज से तैयार किया जा रहा है।
पार्टी के भीतर यह भी चर्चा है कि लंबे समय से पदों पर बने नेताओं को इस बार विश्राम दिया जा सकता है, ताकि नए लोगों को मौका मिल सके। इससे संगठन में कार्यकर्ताओं के बीच सकारात्मक संदेश जाएगा और मेहनत करने वालों को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। हालांकि, अनुभव एवं संतुलन बनाए रखने के लिए कुछ पुराने और अनुभवी चेहरों को भी टीम में जगह दी जाएगी।
नई टीम के गठन में महिलाओं, युवाओं एवं पिछड़े वर्गों की भागीदारी बढ़ाने पर भी विशेष फोकस रहेगा। भाजपा पहले से ही सामाजिक विस्तार की रणनीति पर काम कर रही है और इसी कड़ी में संगठनात्मक ढांचे को भी उसी अनुरूप ढालने की कोशिश की जा रही है।
अगर 50 प्रतिशत नए चेहरों को मौका दिया जाता है, तो यह कदम संगठन में नई जान फूंक सकता है। इससे कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा और पार्टी के प्रति उनकी प्रतिबद्धता भी मजबूत होगी।
शर्मा, वर्मा, झा, शिवेश होंगे बाहर
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल कैबिनेट से चार महामंत्री राधामोहन शर्मा, राजेश वर्मा, लाजवंती झा एवं राज्यसभा सदस्य बने शिवेश कुमार को दायित्व मुक्त करने की तैयारी है।
वहीं, प्रदेश उपाध्यक्ष पद से प्रमोद कुमार, धर्मशीला गुप्ता, सिद्धार्थ शंभू, राजेंद्र सिंह, अमृता भूषण राठौर की जगह नए कार्यकर्ताओं को संगठन गढ़ने में लगाया जाएगा।
इसी तरह मंत्री पद रत्नेश कुशवाहा एवं अजय यादव की जगह नए चेहरे को पार्टी आगे करेगी। कार्यालय मंत्री प्रवीण चंद्र पटेल एवं सह कार्यालय मंत्री पद से ज्ञान प्रकाश ओझा को दायित्व मुक्त किया जाएगा। हालांकि यह भी संभावना है कि इनमें से कुछ को प्रोन्नति भी दी सकती है।