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पांवटा साहिब में 2 समुदाय आमने-सामने, चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात

पांवटा साहिब। ज्ञानवापी मस्जिद विवाद की आंच हिमाचल प्रदेश तक पहुंच गई। यहां सिरमौर जिले के पांवटा साहिब (Paonta Sahib) में एक समुदाय विशेष के दो युवकों द्वारा भगवान शिव को लेकर सोशल मीडिया पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला वायरल होने के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस ने एक समुदाय से जुड़े लोगों की शिकायत पर केस दर्ज करके दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उन्हें आज अदालत में पेश किया जाएगा।

दूसरी ओर मंगलवार रात हुए तनाव के बाद पांवटा साहिब और माजरा में बुधवार सुबह से माहौल शांतिपूर्ण है। हालांकि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए इलाके में पुलिस बल तैनात है। मंगलवार देर रात माहौल बिगड़ता देखकर दूसरे थानों से भी पुलिस बुला ली गई। माजरा, पांवटा साहिब, नाहन क्षेत्रों में भी पुलिस बल तैनात है। सिरमौर के डीसी और एसपी भी रात को मौके पर पहुंचे। पूरे घटनाक्रम के बाद डीसी ने प्रेस बयान जारी कर हालात सामान्य होने का दावा किया।

इससे पहले दोनों पक्षों के आमने-सामने आ जाने से मंगलवार रात 12 बजे तक माजरा थाने के बाहर हंगामा होता रहा। हालांकि पुलिस की मुस्तैदी के कारण टकराव टल गया। पुलिस ने दोनों समुदाय के लोगों को समझा-बुझाकर शांत किया। दोनों समुदाय के लोगों के घर जाने के बाद माजरा में माहौल पूरी तरह शांत हुआ। लोगों की ओर से हवा में तलवारें भी लहराई गई। देर रात तक लोग हिरासत में लिए युवकों को छोडऩे की मांग पर अड़े रहे।

BJP नेता की पोस्ट से ही भड़का विवाद

इसी मामले में भाजपा के नेता भी निशाने पर हैं। पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा के पांवटा साहिब मंडल के अध्यक्ष नसीम नाज ने सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट में लिख दिया कि वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद में कोई शिवलिंग नहीं मिला बल्कि वहां फव्वारा मिला है। इसी पोस्ट पर एक सैलून संचालक अरमान मलिक उर्फ महबूब ने कमेंट कर दिया कि उनकी टॉयलेट शीट भी पत्थर से बनी है। अंधभक्तों को उसकी भी जांच कर लेनी चाहिए कि कहीं वह भी शिवलिंग तो नहीं। इसी के बाद मामला भड़क गया।