हरियाणा में 10,649 गरीब परिवारों को मिलेगा आवास, सरकार ने तेज किया ‘सभी के लिए घर’ मिशन
10,649 Poor Families in Haryana to Receive Housing
चंडीगढ़। 10,649 Poor Families in Haryana to Receive Housing, हरियाणा में 10 हजार 649 गरीब परिवारों को जल्द ही प्लॉट व फ्लैट मिलेंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीरवार को 'सभी के लिए आवास' विभाग की समीक्षा बैठक में निर्देश दिया कि यथाशीघ्र इन प्लॉट व फ्लैट के आबंटन का कार्य पात्र परिवारों को किया जाए। अब तक पांच योजनाओं के तहत प्रदेश में दो लाख 31 हजार 215 परिवारों को आवास उपलब्ध करवाने के लिए 2375 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं।
हरियाणा विजन-2047 के तहत विभाग के अगले पांच साल के रोडमैप व कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी अपात्र व्यक्ति या परिवार को योजना का लाभ दिया जाता है तो संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
छत देना सरकार की प्राथमिकता: सैनी
प्रत्येक प्रदेशवासी को रहने के लिए छत देना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और वर्तमान केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा यह कार्य मिशन मोड में किया जा रहा है। सभी के लिए आवास विभाग शेष बचे सभी पात्र परिवारों की पहचान कर उन्हें आवास उपलब्ध करवाने की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करे।
विभाग के महानिदेशक जे गणेशन ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना, मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना 2.0 तथा लाइसेंसी कालोनियों में आर्थिक रूप से कमजोर (ईडब्ल्यूएस) आवासों के वितरण के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्हाेंने बताया कि विभाग द्वारा आगामी समय में बचे हुए पात्र परिवारों को आवास सुविधाएं उपलब्ध करवाने की कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि हर पात्र परिवार को सरकारी मदद से छत मुहैया करवाई जाए, लेकिन यह भी सुनिश्चित करना आवश्यक है कि योजना का दुरुपयोग न हो।
अपात्र व्यक्तियों को योजना का लाभ देने पर सख्त कार्रवाई
उन्होंने कहा कि सभी लाभार्थियों की सूची ग्राम पंचायतों में सार्वजनिक की जाए ताकि तसदीक हो सके कि लाभ लेने वाले परिवार वास्तव में योजना के लिए पात्र थे या नहीं।
यदि यह साबित होता है कि अपात्र व्यक्तियों को योजना का लाभ दिया गया है तो संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने घुमंतू जाति के ऐसे गरीब परिवारों के लिए पंजीकरण शुल्क में रियायत देने के भी निर्देश दिए जिनकी आर्थिक स्थिति खराब है।