योगी का 'मिशन 2027' शंखनाद: "बुलेट ट्रेन की रफ्तार वाली सरकार का मुकाबला नहीं कर पाएगी पंक्चर साइकिल"

योगी का 'मिशन 2027' शंखनाद: "बुलेट ट्रेन की रफ्तार वाली सरकार का मुकाबला नहीं कर पाएगी पंक्चर साइकिल"

Yogi Mission 2027 Clarion Call

Yogi's 'Mission 2027' Clarion Call

भाजपा कार्यकर्ताओं से संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने गिनाई प्रदेश सरकार की नौ वर्ष की उपलब्धियां

सपा पर कसा तंज, कहा- पंक्चर साइकिल नहीं कर पाएगी बुलेट ट्रेन स्पीड वाली सरकार का मुकाबला

​​​​​​​गोरखपुर। ​​​​​​​Yogi's 'Mission 2027' Clarion Call, प्रदेश सरकार के नौ वर्ष पूरे होने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विपक्षी दलों पर बेहद आक्रामक नजर आए। बुधवार को कार्यकर्ताओं से संवाद के दौरान उन्होंने बिना नाम लिए समाजवादी पार्टी पर जमकर हमला बोला। कहा कि हक के लिए तरसाने वालों को जनता ने सत्ता के लिए तरसा दिया है।

चुनावी मोड में लाने के लिए कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए योगी ने कहा कि वर्तमान सरकार बुलेट ट्रेन की स्पीड से चलने वाली है। पंक्चर साइकिल इसका मुकाबला कभी नहीं कर पाएगी। आज डबल इंजन की सरकार है। जब हम डबल स्पीड से चलेंगे तो साइकिल का पंक्चर तो पंक्चर ही रहेगा। वह हमेशा के लिए धराशायी भी हो जाएगी।


योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में ‘उत्तर प्रदेश में अभूतपूर्व विकास एवं सतत समृद्धि के नौ वर्ष’ विषय पर आयोजित संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में यह पहली सरकार है, जिसने अपना पांच वर्ष का कार्यकाल को पूरा करने के बाद, सफलतापूर्वक दो तिहाई बहुमत प्राप्त कर दोबारा धमाकेदार विजय प्राप्त की है। यह तब संभव हुआ, जब कार्यकर्ताओं ने धरातल पर कार्य किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले गोरखपुर और उत्तर प्रदेश के नाम पर देश में कोई पूछता नही था। अगर आपने बता दिया तो सामने वाला व्यक्ति पांच कदम पीछे हो जाता था। उन्होंने सवाल उठाया, कौन लोग थे जो पहचान का संकट खड़ा कर रहे थे? कौन लोग थे, जिन्होंने आपकी पीढ़ी को विकास से वंचित रखा था? कौन लोग थे, जिनकी संवेदना इंसेफेलाइटिस से तड़प रहे मासूमों पर नहीं पिघलती थी। उन्होंने कहा कि यह वही राज्य है, जहां पहले बिजली नहीं मिलती थी। आज भरपूर मिल रही है। यहां के लोग एम्स के लिए संघर्ष कर रहे थे, आज एम्स बन गया। डबल इंजन की सरकार ने इंसेफ्लाइटिस जैसी महामारी को पूरी तरह समाप्त कर दिया।

कार्यक्रम को सांसद रवि किशन, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष सहजानंद राय, विधायक फतेह बहादुर सिंह, राजेश त्रिपाठी, श्रीराम चौहान, विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, डॉ. विमलेश पासवान, सरवन निषाद, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, महानगर संयोजक राजेश गुप्ता आदि मौजूद रहे।

पहले कब्रिस्तान को मिलता था पैसा, अब मंदिर संवर रहा

अयोध्या का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस अयोध्या में जाने पर पुलिस की लाठियां-गोलियां मिलती थीं, सरकार की प्रताड़ना मिलती थी, दुर्व्यवस्था मिलती थी, आज वह अयोध्या दुनिया की सुंदरतम नगरी बन गई है। वहां भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण हो गया है। इस सरकार में मां विंध्यवासिनी मंदिर भी भव्य बन गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 1500 मंदिरों को हमने धनराशि देकर सुंदरीकरण कार्य को सम्पन्न किया। इससे आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिला। जबकि पहले ऐसा नहीं था। पहले मंदिरों को सुविधा नहीं मिलती थी, पैसा कब्रिस्तान को दिया जाता था। योगी ने कहा कि हमें मंदिर प्यारे हैं इसलिए हम मंदिर को पैसा दे रहे हैं,। जिसको जो प्यारा होता है, वह वही करता है।

प्रदेश में अब उपद्रव की जगह उत्सव

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में नौ वर्षों में हुए सकारात्मक बदलाव की चर्चा करते हुए कहा कि अब उत्तर प्रदेश में उपद्रव नहीं बल्कि उत्सव है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को नसीहत भी दी और सावधान रहने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने प्रदेश को तबाह किया था, दंगों की आग में झोंका था। पहचान को मोहताज कर दिया था, उनके पाप से उन्हें मुक्ति न मिले, इसके लिए कोई भी ऐसा कार्य नहीं होना चाहिए, जिससे उनको मुद्दा बनाने का अवसर मिल सके। कहा कि विरोधियों का मोहरा नहीं बनना है। जो लोग मोहरा बनना चाहते हैं उनसे सावधान रहने की जरूरत है।

अब डरता है माफिया, जानता है क्या होगा उसके साथ

सीएम योगी ने कहा कि जो लोग गोरखपुर को बिजली-पानी के लिए तरसाते थे। यहां के बीमार लोगों को उपचार से वंचित कर देते थे। प्रदेश की जनता ने सत्ता से हमेशा के बाहर कर सबक सिखा दिया है। वह लोग, जो पूरे प्रदेश के साथ अन्याय करते थे। शोषण करते थे, गुंडागर्दी करते थे, माफिया को प्रश्रय देते थे। बहन-बेटियों और व्यापारियों की सुरक्षा के लिए खतरा बनते थे। चिकित्सकों, व्यापारियों से फिरौती वसूलते थे। वह जानते हैं कि अब कुछ नहीं हो सकता। उन्हें मालूम है कि कोई ऐसा करेगा तो उसका क्या हाल किया जाएगा।