UP Budget 2026: चुनाव से पहले योगी सरकार का 10वां बजट, 9.12 लाख करोड़ का अनुमानित आकार
Yogi government's 10th budget before the elections
लखनऊ। UP Budget 2026 । अगले वर्ष विधानसभा चुनाव से पहले योगी सरकार अपने 10वें बजट से प्रदेशवासियों को खुश करने के साथ ही आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश बनाने के लिए राज्य के चौतरफा विकास को और रफ्तार देगी।
जन-आकांक्षाओं, सुशासन और समावेशी विकास के एजेंडे को केंद्र में रखकर तैयार किए गए लगभग 9.12 लाख करोड़ रुपये के बजट से सरकार युवाओं, महिलाओं, किसानों और रोजगार सृजन पर फोकस करती दिखेगी।
बजट न सिर्फ सरकार की नीतिगत प्राथमिकताओं को रेखांकित करने वाला होगा, बल्कि चुनावी साल में विपक्ष के हमलों का जवाब भी देगा।
बुधवार को हुए वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने मंगलवार को इसके दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने की औपचारिकता पूरी की। बुधवार को 11 बजे खन्ना बतौर वित्त मंत्री सातवां बजट पेश करेंगे।
इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में बजट प्रस्ताव को मंजूरी दी जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक, बजट का आकार चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के 8.08 लाख करोड़ रुपये के मूल बजट से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक बढ़कर 9.12 लाख करोड़ रुपये का रहने का अनुमान है। विकास कार्यों को गति देने के लिए पूंजीगत व्यय के लिए करीब 2.50 लाख करोड़ रुपये तक का प्रविधान बजट में किया जा सकता है।
बजट को अंतिम रूप देने के बाद वित्त मंत्री ने कहा कि अगले वित्तीय वर्ष का बजट जनता की अपेक्षाओं, विकास और सुशासन की प्रतिबद्धता को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
बजट डबल इंजन सरकार की विकासशील सोच और मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति का प्रतिबिंब होगा। मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में कानून-व्यवस्था, निवेश और आधारभूत ढांचे में जो भरोसा प्रदेश ने हासिल किया है, यह बजट उसी भरोसे को और मजबूत करेगा।
वित्त मंत्री ने स्पष्ट कहा कि बजट उन लोगों को ठोस जवाब देगा जो प्रदेश के विकास पर सवाल खड़े करते हैं। आज प्रदेश निवेश, इन्फ्रास्ट्रक्चर और रोजगार के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है और यह बजट इस यात्रा को और तेज रफ्तार देगा।
खन्ना ने कहा कि वित्तीय अनुशासन के साथ तैयार किया गया बजट आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होगा। प्रस्तावित बजट में कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचा, औद्योगिक निवेश, रोजगार सृजन के साथ महिला और युवा सशक्तीकरण को प्राथमिकता दी गई है।
बजट के जरिए खासतौर पर पूर्वांचल, बुंदेलखंड और अन्य पिछड़े क्षेत्रों के संतुलित विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि विकास की धारा प्रदेश के हर हिस्से तक पहुंचे।
माना जा रहा है कि विधानसभा चुनाव से पहले पेश किए जाने वाले इस भारी-भरकम बजट के जरिये योगी सरकार प्रदेशवासियों को खुश कर अपनी हैट-ट्रिक सुनिश्चित करने की कोशिश करेगी।
हालांकि, सूत्रों का कहना है कि भाजपा के संकल्प पत्र के लोक-लुभावन रह गए संकल्पों को योगी सरकार मूल बजट के बजाय मानसून से लेकर शीतकालीन सत्र में अनुपूरक बजट पेश कर पूरा करेगी ताकि उसका अधिकतम लाभ कुछ ही माह बाद होने वाले विधानसभा चुनाव में लिया जा सकेगा।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2017 में योगी सरकार ने अपना पहला बजट 3.85 लाख करोड़ रुपये का पेश किया था।
योगी सरकार में बजट का बढ़ता आकार
|
वित्तीय वर्ष |
बजट आकार (करोड़ रुपये में) |
|---|---|
|
2017-18 |
3,84,659.71 |
|
2018-19 |
4,28,384.52 |
|
2019-20 |
4,79,701.10 |
|
2020-21 |
5,12,860.72 |
|
2021-22 |
5,50,278.78 |
|
2022-23 |
6,15,518.97 |
|
2023-24 |
6,90,242.43 |
|
2024-25 |
7,36,437.71 |
|
2025-26 |
8,08,736.06 |