योगी ने पीएम मोदी को लंबे कार्यकाल के लिए बधाई दी, अखिलेश ने उठाए सवाल

योगी ने पीएम मोदी को लंबे कार्यकाल के लिए बधाई दी, अखिलेश ने उठाए सवाल

Yogi Congratulates PM Modi on Length of Tenure

Yogi congratulates PM Modi for his long tenure

योगी ने पीएम मोदी को सर्वाधिक लंबे कार्यकाल के लिए बधाई दी।

अखिलेश यादव ने कार्यकाल की लंबाई पर सवाल उठाए।

सपा प्रमुख ने विदेश नीति, जनजीवन सुधार पर निशाना साधा।

लखनऊ। Yogi Congratulates PM Modi on Length of Tenure, मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री के रूप में सर्वाधिक लंबे कार्यकाल के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुभकामनाएं दी हैं। वहीं, सपा प्रमुख ने प्रधानमंत्री के रिकॉर्ड कार्यकाल पर सवाल भी उठाया। 

मुख्यमंत्री योगी ने एक्स पोस्ट पर लिखा कि 145 करोड़ भारतीयों की सुख, समृद्धि और संतुष्टि के लिए सतत साधनारत, राष्ट्र के अमृतकाल के सारथी आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को भारत के सर्वाधिक लंबे समय तक सेवा देने वाले शासन प्रमुख बनने पर हार्दिक बधाई।

पोस्ट में योगी ने लिखा कि 'विकसित भारत' के निर्माण को समर्पित यह ऐतिहासिक कीर्तिमान आपके प्रति अटूट जनविश्वास का सशक्त प्रतीक है। 'राष्ट्र प्रथम' की भावना से दीप्त आपके यशस्वी नेतृत्व में 'अंत्योदय से राष्ट्रोदय' की संकल्पना साकार रूप ले रही है। 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास' के सुपथ पर चलते हुए भारत ने विकास, सुशासन और वैश्विक प्रतिष्ठा के नए आयाम स्थापित किए हैं। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि आपके कुशल नेतृत्व में भारत निरंतर प्रगति, समृद्धि और वैभव के पथ पर अग्रसर रहे।

सपा प्रमुख ने उठाया सवाल 

वहीं, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 8,931 दिनों के रिकार्ड कार्यकाल की सराहना पर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार की उपलब्धियों पर निशाना साधा है।

उन्होंने कहा है कि किसी भी सरकार का मूल्यांकन उसके कार्यकाल की लंबाई से नहीं, बल्कि आम लोगों के जीवन में आए ठोस सुधारों से होना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश को यह देखना चाहिए कि आज भारत का हैप्पीनेस इंडेक्स में क्या स्थान है। प्रति व्यक्ति आय वैश्विक स्तर पर कहां खड़ी है।

भ्रष्टाचार व बेरोजगारी के मामले में देश की स्थिति क्या है। महिलाओं की सुरक्षा में कितना सुधार आया है। सपा प्रमुख ने केंद्र सरकार की विदेश नीति को भी निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने विदेश नीति को कमजोर किया है। यह स्पष्ट नहीं है कि किसी संकट या युद्ध की स्थिति में भारत किस देश के साथ खड़ा होगा। इससे रणनीतिक स्पष्टता पर सवाल खड़े होते हैं।

उन्होंने ईरान के साथ संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि कभी भारत का करीबी मित्र रहा यह देश अब अलग-थलग पड़ गया है। उनके अनुसार, भारत के कई पुराने सहयोगी देशों के साथ संबंध कमजोर हुए हैं।