Yogi Adityanath Directs Stronger

मौसम चेतावनी प्रणाली को और मजबूत बनाने के निर्देश, अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे अलर्ट: योगी आदित्यनाथ

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Yogi Adityanath Directs Stronger

योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में मौसम संबंधी पूर्व चेतावनी प्रणाली को अधिक सटीक, त्वरित और जनकेंद्रित बनाने के निर्देश दिए हैं। शनिवार को राहत एवं आपदा प्रबंधन विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान समय पर दी गई सही सूचना लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि मौसम पूर्वानुमान और चेतावनी तंत्र को केवल तकनीकी व्यवस्था तक सीमित न रखते हुए अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने गांवों और संवेदनशील क्षेत्रों में “अंतिम व्यक्ति तक कनेक्टिविटी” मजबूत करने के निर्देश देते हुए आईवीआरएस, पंचायत स्तर के लाउडस्पीकर, स्थानीय एफएम रेडियो, मोबाइल अलर्ट और सोशल मीडिया के व्यापक उपयोग पर जोर दिया।

बैठक में 13 मई 2026 को आए भीषण आंधी-तूफान की समीक्षा भी की गई। अधिकारियों ने बताया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग के मल्टी-हैजार्ड अर्ली वार्निंग सिस्टम (MHEWS) द्वारा इस मौसमीय घटना की सात दिन पहले से निगरानी की जा रही थी। पहले ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया, जिसे बाद में ‘ऑरेंज अलर्ट’ और कई जिलों में ‘रेड अलर्ट’ में बदला गया। चेतावनियों में तेज आंधी, बिजली गिरने, ओलावृष्टि और 60 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका जताई गई थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल चेतावनी जारी करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि लोगों को सुरक्षित व्यवहार के प्रति जागरूक करना भी जरूरी है। उन्होंने स्कूलों, पंचायतों और ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही पेड़ों, बिजली के खंभों, होर्डिंग्स और कमजोर अस्थायी ढांचों की संवेदनशीलता का स्थानीय स्तर पर आकलन कर मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने को कहा।

बैठक में यह भी बताया गया कि संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम के सहयोग से प्रदेश के 15 विभागों, सभी 75 जिलों और 20 प्रमुख नगरों के लिए आपदा प्रबंधन योजना तैयार की जा रही है। वर्ष 2025 में 44 जिलों की 118 तहसीलों में लगभग 1800 स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया, जिनके माध्यम से 2,361 गांवों और 4,824 मजरों में जनजागरूकता अभियान चलाया गया।

इसके अलावा “आपदा मित्र” स्वयंसेवकों को बीमा प्रमाण-पत्र वितरित किए गए हैं तथा नाव दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए 38 जिलों में 66,077 लाइफ जैकेट भी वितरित की गई हैं।