भारत से इतना क्यों चिढ़ने लगे ट्रंप? टैरिफ के बाद अब दिल्ली दौरा भी किया रद्द, क्वाड समिट में होने वाले थे शामिल

US India Relations
वाशिंगटन : US India Relations: अमेरिका और भारत के बीच रिश्तों में खटास बढ़ती जा रही है. न्यूयॉर्क टाइम्स की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने के बाद अपना भारत दौरा रद्द कर सकते हैं. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि क्वाड शिखर सम्मेलन में भी ट्रंप का भारत आने का कोई कार्यक्रम अब नहीं है.
अखबार ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि ट्रंप ने पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को साल के अंत में भारत आने की जानकारी दी थी, लेकिन अब उन्होंने यह योजना स्थगित कर दी है. फिलहाल, इस मामले में भारत और अमेरिका दोनों सरकारों की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है.
भारत इस साल के अंत में क्वाड शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने वाला है. जनवरी में ही ट्रंप प्रशासन ने क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक आयोजित की थी. रिपोर्ट में कहा गया है कि व्यापारिक तनावों और ट्रंप के लगातार किए गए दावों के कारण दोनों नेताओं के बीच रिश्ते बिगड़ने लगे.
ट्रंप और मोदी के बीच विवाद का कारण
ट्रंप लगातार दावा कर रहे हैं कि उन्होंने मई में भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिन के सैन्य संघर्ष को सुलझाने में मदद की. भारत ने इन दावों को लगातार खारिज किया. 17 जून को दोनों नेताओं के बीच 35 मिनट की फोन कॉल हुई थी. यह कॉल उस समय हुई जब ट्रंप कनाडा में जी-7 सम्मेलन से लौट रहे थे. सम्मेलन के दौरान आमने-सामने मुलाकात होनी थी, लेकिन ट्रंप जल्दी लौट गए.
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि पीएम मोदी ने ट्रंप को स्पष्ट कर दिया कि न तो अमेरिका-भारत व्यापार समझौते पर कोई चर्चा हुई और न ही भारत-पाकिस्तान संघर्ष में अमेरिका की कोई मध्यस्थता हुई. सीजफायर बातचीत केवल भारत और पाकिस्तान के सैन्य चैनलों के माध्यम से हुई थी.
रिपोर्ट में बताया गया है कि ट्रंप ने फिर भी युद्ध को खत्म करने का श्रेय लेने की कोशिश की और दावा किया कि पाकिस्तान उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित करना चाहता है. मोदी ने इसे पूरी तरह खारिज किया. इस असहमति ने दोनों नेताओं के बीच तनाव बढ़ा दिया.
भारत पर टैरिफ और व्यापारिक तनाव
न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने के लिए भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया. यह कदम नीति से अधिक दंडात्मक प्रतीत होता है. सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज में भारत मामलों के अध्यक्ष रिचर्ड रॉसो ने कहा कि केवल भारत को अलग से निशाना बनाना यह दर्शाता है कि मामला केवल रूस से नहीं जुड़ा है.
अखबार ने यह भी दावा किया कि जब टैरिफ वार्ता विफल हो गई, तो ट्रंप ने कई बार पीएम मोदी से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन मोदी ने कॉल का जवाब नहीं दिया. इस रिपोर्ट के प्रकाश में अमेरिका-भारत संबंधों में तनाव बढ़ने का संकेत मिलता है. 50 प्रतिशत टैरिफ और ट्रंप के दौरे रद्द करने के फैसले ने दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और व्यापारिक खटास को और गहरा कर दिया है.