आल इंडिया फोरम ऑफ एम एस एम ई ने उद्यमियों के लिए हेल्पलाइन का उद्घाटन व प्रारंभ किया

All India Forum of MSME Inaugurates and Launches Helpline

All India Forum of MSME Inaugurates and Launches Helpline

फरीदाबाद। दयाराम वशिष्ठ: All India Forum of MSME Inaugurates and Launches Helpline: कर्मचारी राज्य बीमा निगम क्षेत्रीय कार्यालय ने आल इंडिया फोरम ऑफ एम एस एम ई के साथ मिलकर एक सेमीनार का आयोजन किया जिसमें एम एस एम ई क्षेत्र के उद्यमियों ने भाग लिया।
 क्षेत्रीय निदेशक सुगन लाल मीना ने नेशनल एम एस एम ई हेल्पलाइन का उद्घाटन किया। आल इंडिया फोरम फॉर एम एस एम ई इस  नेशनल हेल्पलाइन के माध्यम से एम एस एम ई उद्यमियों को सरकारी योजनाओं, सब्सिडी, नियमों, अनुपालना आदि आवश्यक मामलों की जानकारी देंगे जिससे इन उद्यमियों के मध्य जागरुकता बढ़े। 
 कार्यक्रम में कर्मचारी राज्य बीमा निगम द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं यथा चिकित्सा हितलाभ, बीमारी हितलाभ, मातृत्व  हितलाभ, स्थायी अपंगता हितलाभ (पेंशन), आश्रित जन हितलाभ (पेंशन), अन्त्येष्टि हितलाभ, अन्य नकद हितलाभ जैसे बेरोजगारी भत्ता, अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना, प्रसूति व्यय, व्यावसायिक प्रशिक्षण, शारीरिक पुनर्वास, व्यावसायिक पुनर्वास कौशल विकास योजना आदि की सुगन लाल मीना, क्षेत्रीय निदेशक ने जानकारी दी ।   जिसमें सबसे पहले  स्प्री 2025 (स्कीम टू प्रमोट रजिस्ट्रेशन ऑफ एंप्लॉयर्स एंड एम्पलॉइज) नाम से योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम 1948 हर उस फैक्टरी/ संस्थान / दुकान / क्लिनिक/ अस्पताल / प्रतिष्ठान पर लागू है जहां 10 या उससे अधिक कार्मिक कार्यरत हैं। इन प्रतिष्ठानों के लिए अनिवार्य है कि वे  ई एस आई सी में पंजीकरण करवाएं। ऐसा न करने पर दंड का प्रावधान है।

यह देखा गया है कि कईं प्रतिष्ठान मालिक ई एस आई सी में पंजीकरण कराने के लिए वर्षों से पात्र व बाध्य हैं, लेकिन फिर भी पंजीकरण नहीं कराए हैं और जिससे उनके कार्मिक ई एस आई सी द्वारा प्रदान किये जा रहे विविध सामाजिक सुरक्षा हितलाभ से वंचित हैं। पकड़े जाने पर ऐसे संस्थानों को वर्षों के अंशदान, ब्याज़ और हर्जाने का भुगतान करना पड़ता है। इसी भय से कईं प्रतिष्ठान मालिक पंजीकरण से भी बचते हैं कि कहीं उनके पुराने रिकॉर्ड की जांच न हो जाए और बड़ा जुर्माना न भरना पड़ जाए।

स्प्री 2025 योजना के अंतर्गत पंजीकरण कराने से प्रतिष्ठानों के पिछले रिकॉर्ड की जांच और निरीक्षण नहीं कराए जाएंगे । न ही पिछली किसी देनदारी की मांग की जाएगी। प्रतिष्ठान मालिक द्वारा पंजीकरण करने की तिथि से ही उनका पंजीकरण मान लिया जाएगा। यह योजना 31 दिसंबर 2025 तक लागू रहेगी।

इसके बाद एमनेस्टी स्कीम पर जानकारी देते हुए श्री सुगन लाल मीना ने बताया कि 31 मार्च 2025 से पहले दायर मुकद्दमों को सुलझाने के उद्देश्य से यह स्कीम लाई गई है जिसमें न्यायालय (ई आई कोर्ट तथा उच्च न्यायालय में लंबित मुकद्दमे) से बाहर ही वाद समाप्त कर लिया जाए। इस योजना के अंतर्गत नियोक्ताओं के व्याप्ति तथा अंशदान के विवाद और निगम द्वारा नियोक्ताओं के विरुद्ध दायर मुकद्दमों पर समाधान किया जा सकता है। इस योजना के अंतर्गत हर्जाने को पूर्णतः माफ करने का प्रावधान है। बहुत पुराने मामले जिसमें नियोक्ता के पास रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है उन्हें कुल आँकलित अंशदान का 30% भुगतान करने पर समाधान प्रदान किया जा सकेगा। एमनेस्टी स्कीम 01 अक्टूबर 2025 से 30 सितंबर 2026 तक लागू रहेगी। प्रभावित नियोक्ता इस स्कीम का लाभ उठाने के लिए क्षेत्रीय कार्यालय हरियाणा में संपर्क कर सकते हैं। 

कार्यक्रम में प्रधान मंत्री विकसित भारत रोज़गार योजना की जानकारी देते हुए सुगन लाल मीना ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत दिनांक 1 अगस्त 25 के बाद नियुक्त हुए कर्मचारियों के लिए प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान है। इसके अंतर्गत नए कर्मचारियों को 15000 रुपए सालाना का भुगतान दो बराबर किश्तों में किया जाएगा तथा फैक्टरी/ संस्थान मालिकों को भी प्रति कर्मचारी 3000 रुपए तक प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
सभी संस्थान मालिक अपनी समस्याओं के समाधान के लिए हेल्पलाइन नंबर 0129-2222980/981 पर संपर्क कर सकते हैं। उनकी समस्याओं को तत्काल अथवा शीघ्र समाधान किया जाएगा।  

इस अवसर पर ई एस आई सी क्षेत्रीय कार्यालय से सहायक निदेशक बृजेश मिश्रा तथा रविंद्र कुमार तथा राष्ट्रीय अध्यक्ष  श्याम सुंदर कपूर ने मुख्य भाषण दिया और एमएसएमई की समस्याओं पर प्रकाश डाला। आरडी वर्मा, निदेशक समन्वय, आरसी चौधरी निदेशक तकनीक ने कार्यक्रम का संचालन किया वीके गुप्ता महासचिव हरियाणा राज्य चैप्टर, डीके मिश्रा अध्यक्ष फरीदाबाद चैप्टर,
हेल्पडेस्क समन्वयक सीए नवीन बंसल, अधिवक्ता संदीप नागर, अधिवक्ता  विवेक अग्रवाल,  जगदीश चंद्र और  संजीव पुरी। सर्वश्री एससी गर्ग, योगेश अग्रवाल, पीपी मित्तल, राजीव लाल, राकेश चंद्र, मनीष मल्होत्रा, आदर्श कपूर, रफी अहमद सैफी, सूबे सिंह जाखड़, प्रदीप गोस्वामी, प्रदीप जग्गा, रवि नांगिया, शिव राम शर्मा, राहुल सिंह, राज श्रीवास्तव सहित अन्य लगभग 80 उद्यमी इस कार्यक्रम में उपस्थित थे।