ईरान और अमेरिका के बीच क्यों फेल हुई बातचीत, जेडी वेंस बोले- "हमने बेस्ट ऑफर दिया, ईरान नहीं माना", 10 बड़ी बातें
US Iran Talks Fail
इस्लामाबाद: US Iran Talks Fail: अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने रविवार को कहा कि ईरान के साथ इस्लामाबाद बातचीत फेल हो गई क्योंकि दोनों पक्ष 21 घंटे से ज्यादा की कोशिशों के बावजूद मतभेदों की खाई को पाट नहीं पाए. पाकिस्तान की मध्यस्थता में दोनों पक्षों के बीच सीधी बातचीत में 'सार्थक चर्चा' के बाद वेंस ने यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. 1979 के बाद इस लेवल पर यह पहली बातचीत थी. वेंस ने कहा, 'हम अब 21 घंटे से इस पर बातचीत कर रहे हैं, और हमने कई सार्थक चर्चाएं की हैं, यह अच्छी खबर है.'
उन्होंने आगे कहा, 'बुरी खबर यह है कि हम किसी समझौते पर नहीं पहुंचे हैं.' अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने कहा, 'हमने बहुत साफ कर दिया है कि हमारी रेड लाइन क्या हैं, हम किन चीजों पर उन्हें सहमत करने को तैयार हैं और किन चीजों पर नहीं.' उन्होंने यह भी कहा कि ईरानी डेलीगेशन ने 'हमारी शर्तें नहीं मानने का फैसला किया है.'
उनसे उन मुख्य अड़चनों के बारे में बताने के लिए कहा गया जिन्हें ईरानियों ने खारिज कर दिया लेकिन उन्होंने खास बातें बताने से इनकार कर दिया. वेंस ने कहा, 'मैं सारी डिटेल्स में नहीं जाऊंगा क्योंकि 21 घंटे प्राइवेट में बातचीत करने के बाद मैं पब्लिक में बातचीत नहीं करना चाहता.
लेकिन सीधी सी बात यह है कि हमें यह पक्का वादा देखना होगा कि वे न्यूक्लियर वेपन नहीं चाहेंगे और वे ऐसे टूल्स नहीं चाहेंगे जिनसे वे जल्दी न्यूक्लियर वेपन हासिल कर सकें.' उन्होंने कहा कि ईरान को 'न्यूक' मिलने से रोकना अमेरिकी राष्ट्रपति का मेन गोल था और हमने इन बातचीत के जरिए यही हासिल करने की कोशिश की है.'
वेंस ने पाकिस्तान के प्राइम मिनिस्टर शहबाज शरीफ और चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की भी तारीफ की, उन्हें 'इनक्रेडिबल होस्ट' कहा. उन्होंने कहा, 'बातचीत में जो भी कमियां थीं वे पाकिस्तानियों की वजह से नहीं थीं जिन्होंने बहुत अच्छा काम किया और सच में हमारी और ईरानियों की कमी को पूरा करने और डील करने में मदद करने की कोशिश की.'
इसके अलावा ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकई ने भी एक मैसेज में कन्फर्म किया कि दोनों पक्ष डील करने में नाकाम रहे और दोनों पक्षों के बीच कई मैसेज और टेक्स्ट का आदान-प्रदान हुआ है.
उन्होंने लिखा, 'पिछले 24 घंटों में बातचीत के मुख्य टॉपिक के अलग-अलग पहलुओं पर चर्चा हुई जिसमें होर्मुज स्ट्रेट, न्यूक्लियर मुद्दा, युद्ध का हर्जाना, बैन हटाना, और ईरान के खिलाफ और इस इलाके में युद्ध को पूरी तरह खत्म करना शामिल है.'
इस डिप्लोमैटिक प्रोसेस की सफलता दूसरी तरफ की गंभीरता और नेकनीयती, बहुत ज़्यादा मांगों और गैर-कानूनी रिक्वेस्ट से बचने और ईरान के जायज अधिकारों और हितों को मानने पर निर्भर करती है.' बकाई ने 'इस बातचीत को होस्ट करने और इस प्रोसेस को आगे बढ़ाने में उनकी अच्छी कोशिशों के लिए सरकार और पाकिस्तान के अच्छे और नेक लोगों की भी तारीफ की.