अगर मुख्यमंत्री इस्तीफा न दे, तो क्या होगा? संवैधानिक प्रावधान
What happens if the Chief Minister
नई दिल्ली। What happens if the Chief Minister, पश्चिम बंगाल चुनाव में भाजपा को भारी जीत मिली है और सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को करारी हार, लेकिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हार मानने को राजी नहीं है। उन्होंने कहा है कि वह लोकभवन जाकर इस्तीफा नहीं देंगी। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर कोई मुख्यमंत्री चुनाव हारने के बाद भी इस्तीफा नहीं देता तो क्या होगा।
संविधानविदों का कहना है कि चुनाव हो चुका है और ममता बनर्जी चुनाव हार चुकी हैं ऐसे में उनके पद से इस्तीफा देने न देने का कोई मतलब नहीं रह जाता। विधानसभा का पांच साल का कार्यकाल पूरा हो चुका है और नई विधानसभा का गठन होने के बाद नई सरकार बनेगी।
राजनीति में अब एक नया चलन चला है कि मुख्यमंत्री और मंत्री कई बार अड़ जाते हैं कि वे कुछ भी हो जाए पद से इस्तीफा नहीं देंगे।
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जेल जाने के बाद भी इस्तीफा नहीं दिया था। उस दौरान कई मंत्रियों ने भी ये रवैया अपनाया था। इस बार मामला थोड़ा भिन्न है।
ममता के इस्तीफा न देने से कोई फर्क नहीं- योगेन्द्र नारायण
ममता बनर्जी चुनाव हारने के बावजूद कह रही हैं कि वे लोकभवन जाकर इस्तीफा नहीं देंगी। लेकिन राज्यसभा के पूर्व सेकरेट्री जनरल योगेन्द्र नारायण कहते हैं कि उनके इस्तीफा देने या न देने से कोई फर्क नहीं पड़ता।
चुनाव के बाद जिस दल को बहुमत मिला है वो दल राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा करेगा और राज्यपाल उसे सरकार बनाने का ना निमंत्रण देंगे। नई सरकार गठित हो जाएगी।
जब विधानसभा ही नहीं रही तो मुख्यमंत्री कहां रहा- एसआर सिंह
ममता बनर्जी के इस्तीफा न देने पर इलाहाबाद हाई कोर्ट के सेवानिवृत न्यायाधीश एसआर सिंह कहते हैं कि संविधान का अनुच्छेद 172 (1) कहता है कि विधानसभा का कार्यकाल पांच वर्ष का होगा और पांच वर्ष का कार्यकाल समाप्त होने के बाद विधानसभा भंग मानी जाती है।
जब विधानसभा ही नहीं रही तो मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल कहां रहा। सिंह ये भी कहते हैं कि मुख्यमंत्री संविधान के पालन की शपथ लेता है और उसे संविधान का पालन तो करना ही होगा।
ममता बनर्जी का इस्तीफा देना न देना महत्वहीन
सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील सुशील जैन तो स्पष्ट कहते हैं कि अगर ममता बनर्जी इस्तीफा नहीं देंगी तो राज्यपाल उन्हें बर्खास्त कर देंगे और नई सरकार को शपथ दिला देंगे। यानी संविधानविदों की मानें तो ममता बनर्जी का इस्तीफा देना न देना महत्वहीन है।