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जल सप्लाई और सैनीटेशन विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस कूड़ा प्रबंधन पर वर्कशाप करवाई

व्यवहारिक तबदीली के ढंगों और साधनों के साथ गाँवों को कूड़े से मुक्त बनाने के सिद्धांतों संबंधी किया विचार-विमर्श

कूड़े को अलग करने और घटाने वाले साधनों और उपायों संबंधी दी जानकारी

प्लास्टिक वेस्ट प्रबंधन, इलैक्ट्रॉनिकस कूड़ा प्रबंधन, बायोमैडीकल वेस्ट प्रबंधन, सी एंड डी वेस्ट प्रबंधन, फिकल सलज्ज और सैपटेज प्रबंधन लागू करने सम्बन्धी किया विचार-विमर्श

Conducts workshop on solid waste: मोहाली/चण्डीगढ़।  जल सप्लाई और सैनीटेशन विभाग, पंजाब की तरफ से मैगसीपा, चंडीगढ़ में अलग -अलग जिलों के अधिकारी और सोशल स्टाफ के लिए ग्रामीण क्षेत्र में ठोस कूड़ा प्रबंधन पर एक दिवसीय वर्कशाप करवाई गई।

श्रीमती परनीत शेरगिल आई.ए.एस, अतिरिक्त सचिव कम मिशन डायरैक्टर स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) ने भागीदारों को संबोधन करते हुये ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस कूड़ा-प्रबंधन की महत्ता के बारे रौशनी डाली और स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज़-2 के लिए सक्रियता से काम करने के लिए उत्साहित किया। उन्होंने आगे भागीदारों को वर्कशाप की प्रमुख शिक्षाओं को अपने जिलों में लागू करने के लिए प्रेरित किया।

वर्कशाप का मकसद जल सप्लाई और सेनिटेशन विभाग के जिलों में काम कर रहे सोशल स्टाफ के ठोस कूड़ा-प्रबंधन, प्लास्टिक वेस्ट प्रबंधन, इलैक्ट्रॉनिक्स कूड़ा-प्रबंधन, बायोमैडीकल वेस्ट प्रबंधन, कंस्टरक्शन एंड डीमोलीशन ( सी एंड डी) वेस्ट प्रबंधन, फिकल सलज्ज और सैपटेज प्रबंधन के नियमों के प्रति सामथ्र्य को बढ़ाना है।

इस वर्कशाप का आयोजन मैसजऱ् फीडबैक फाउंडेशन द्वारा किया गया।

वर्कशाप के सहायक श्री अजय सिन्हा की तरफ से भागीदारों को व्यवहारिक तबदीली लाने और तजुर्बों से सीखने सम्बन्धी पहुँच संबंधी बताया गया। वर्कशाप में ठोस कूड़े -कर्कट को समझने, ठोस अवशेष का प्रबंधन करने, साधन और तकनीकों के साथ व्यवहारिक तबदीली लाके गाँव को कूड़े से मुक्त बनाने के सिद्धांतों संबंधी विस्तारपूर्वक समझाया गया।

कूड़ा प्रबंधन के तकनीकी पहलूओं संबंधी जानकारी देने के साथ-साथ अलग-अलग साधनों और उपाय संबंधी विचार-विमर्श किया गया जोकि कूड़े के पृथक्करण और प्रबंधन में सहायक होंगे। कूड़े की किस्मों, मूल और प्रबंधन के लिए उठाये जाने वाले प्रयासों की तरफ विशेष ध्यान दिया गया।

भागीदारों को जमीनी चुनौतियों, सामाजिक और व्यवहार बदलाव संचार के अलग -अलग तरीकों के द्वारा हल करने के बारे भी बताया गया। संचालन और प्रबंधन, वित्तीय रख-रखाव, कूड़े की रीसाइक्लिंग और सैपटेज प्रबंधन के बारे संक्षिप्त जानकारी दी गई।

समूचे सैशन में भागीदारियों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया, सैशन उनकी उम्मीद पर खरा उतरने वाला साबित हुआ और उन्होंने सीखा कि ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस कूड़े प्रबंधन के प्रोजैक्ट को सही ढंग से किस तरह लागू किया जा सकता है। इसके उपरांत भागीदारियों की तरफ से पेशकारी दी गई और विचार-विमर्श के द्वारा सभी भागीदारों के द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब दिए गए।

वर्कशाप के अंत में भागीदारों को क्रास लर्निंग के द्वारा उत्साहित किया गया।

वर्कशाप के अंत में श्री आर के शर्मा, स्टेट कोआरडीनेटर स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) द्वारा फीडबैक फाउंडेशन और माहिर सहायक श्री अजय सिन्हा, सीईओ फीडबैक फाउंडेशन का वर्कशाप को उचित ढंग से करने के लिए और टीम को जानकारी देने के लिए धन्यवाद किया गया।

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