कोलंबिया में फिर भड़की हिंसा: ड्रग रूट पर कब्जे की जंग में FARC के 27 लड़ाके ढेर
- By Gaurav --
- Monday, 19 Jan, 2026
Violence erupts again in Colombia: 27 FARC fighters killed in battle for control of drug route
दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया एक बार फिर यह याद दिला रहा है कि शांति केवल समझौतों से नहीं आती, बल्कि अवैध सत्ता संरचनाओं को तोड़े बिना वह एक अधूरा सपना ही बनी रहती है। गुआवियारे के एल रेटोर्नो क्षेत्र में पूर्व विद्रोही संगठन FARC से टूटे दो गुटों के बीच हुई खूनी भिड़ंत, जिसमें 27 लड़ाके मारे गए, कोलंबिया के उस गहरे घाव को फिर से उजागर करती है जिसे दशकों की हिंसा भी भर नहीं सकी।
यह टकराव किसी विचारधारा की लड़ाई नहीं, बल्कि कोकीन उत्पादन और ड्रग तस्करी के रास्तों पर नियंत्रण की जंग है। यही वह सच्चाई है, जो कोलंबिया की अधिकांश हिंसा के पीछे छिपी रहती है। बंदूकें अब क्रांति के लिए नहीं, बल्कि अवैध अर्थव्यवस्था पर कब्ज़े के लिए उठाई जा रही हैं।
टूटा हुआ आंदोलन, बिखरी हुई हिंसा
FARC के साथ 2016 में हुआ शांति समझौता एक ऐतिहासिक कदम था, लेकिन उसके बाद पैदा हुए विखंडित गुट आज सरकार के लिए नई चुनौती बन चुके हैं। इवान मोर्डिस्को और कैलरक कॉर्डोबा जैसे गुट इस बात का प्रमाण हैं कि जब हथियारबंद संगठन वैध राजनीति में शामिल नहीं हो पाते, तो वे अपराध की दुनिया में और गहरे धंस जाते हैं।
विडंबना यह है कि एक ओर गुस्तावो पेट्रो की सरकार ‘पूर्ण शांति (Total Peace)’ का सपना दिखा रही है, वहीं दूसरी ओर उन्हीं वार्ताओं के समानांतर जमीन पर खून बह रहा है। यह स्थिति बताती है कि शांति वार्ता तब तक प्रभावी नहीं हो सकती, जब तक ड्रग अर्थव्यवस्था को जड़ से खत्म करने की ठोस रणनीति न हो।
60 वर्षों का संघर्ष और आज की सच्चाई
कोलंबिया का गृहयुद्ध कोई ताजा घटना नहीं है। पिछले 60 वर्षों में 4.5 लाख से अधिक लोगों की मौत, लाखों का विस्थापन और पीढ़ियों का भय — यह सब इस देश की नियति बन चुका है। अवैध खनन, कोकीन व्यापार और अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क ने हिंसा को जीवित रखा है।
आज भी वही सच सामने है:
जब तक जंगलों, सीमावर्ती इलाकों और ग्रामीण क्षेत्रों में राज्य की प्रभावी मौजूदगी नहीं होगी, तब तक बंदूकें लोकतंत्र से ज्यादा ताकतवर बनी रहेंगी।
अमेरिका का दबाव और नई जटिलताएं
इस हिंसा के बीच अमेरिका का सख्त रुख स्थिति को और संवेदनशील बना रहा है। डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ड्रग तस्करी को लेकर सैन्य कार्रवाई की चेतावनी यह संकेत देती है कि कोलंबिया की समस्या अब केवल आंतरिक नहीं रही। लेकिन इतिहास गवाह है कि बाहरी सैन्य हस्तक्षेप अक्सर समाधान से ज्यादा अस्थिरता लेकर आता है।
आगे का रास्ता क्या?
कोलंबिया के सामने अब तीन स्पष्ट विकल्प हैं:
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ड्रग अर्थव्यवस्था पर निर्णायक प्रहार
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शांति वार्ताओं के साथ-साथ कठोर कानून-व्यवस्था
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ग्रामीण इलाकों में शिक्षा, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार
यदि सरकार केवल संवाद पर निर्भर रही और अवैध अर्थव्यवस्था को छूने से बचती रही, तो ‘पूर्ण शांति’ एक राजनीतिक नारा बनकर रह जाएगी।
निष्कर्ष
एल रेटोर्नो की हिंसा एक चेतावनी है —
शांति कागज़ पर नहीं, ज़मीन पर लागू होती है।
जब तक बंदूक की जगह कानून, और कोकीन की जगह रोजगार नहीं आएगा, तब तक कोलंबिया का भविष्य अतीत की छाया से बाहर नहीं निकल पाएगा।