यूपी में "सत्यापन" अब पारदर्शी: टीए-डीए की दरें तय; युवाओं को मिलेगा मरम्मत का लाइसेंस
Verification" now transparent in UP
लखनऊ। बांट-माप उपकरणों के हर साल होने वाले सत्यापन व मुद्रांकन (सील लगाने) में अब मनमाना शुल्क नहीं वसूला जा सकेगा।
सोमवार को कैबिनेट ने सत्यापन के लिए जाने वाले विभागीय अधिकारी के लिए टीए-डीए की दर भी तय कर दी है। यह कुल शुल्क के 25 प्रतिशत से अधिक नहीं होगी। टीए-डीए समेत पूरा शुल्क आनलाइन जमा करना होगा। उसके बाद निर्धारित समय सीमा के भीतर संबंधित अधिकारी प्रतिष्ठान पर जाकर सत्यापन के लिए बाध्य होंगे।
इसके साथ ही तकनीकी डिप्लोमा व डिग्रीधारक युवाओं को बांट-माप उपकरणों के मरम्मत कार्यों के लिए लाइसेंस देने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने स्वीकृति दी है। इससे इन युवाओं को स्वरोजगार के नए द्वार खुलेंगे।
सरकार की योजना है कि हर तरह के बांट-माप उपकरणों की मरम्मत आसानी से हो सके। इसके लिए डिप्लोमा व डिग्रीधारक युवाओं को वर्कशाप स्थापित करने पर मरम्मत कार्य करने का लाइसेंस दिया जाएगा। इसमें पेट्रोल पंप पर काम आने वाले फ्लो मीटर भी शामिल होंगे।