मुख्यमंत्री योगी ने पीलीभीत को दी 569 करोड़ की विकास सौगात, 106 बंगाली परिवारों को मिली भारतीय नागरिकता
Citizenship For Bengali Families
पीलीभीत : Citizenship For Bengali Families: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को पीलीभीत बरखेड़ा विधानसभा क्षेत्र के पतरासा कुंवरपुर गांव पहुंचे. सोमवार सुबह करीब 11:30 मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर उतरा. मंच पर पहुंच कर जनता का अभिवादन स्वीकार किया और विभिन्न विभागों द्वारा शुरू की गई 569 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शिलांयास व लोकार्पण किया. इस दौरान सीएम ने 2500 बंगाली परिवारों को दिया नागरिकता प्रमाणपत्र भी सौंपा.
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण लंबे समय से भूमि धरी और नागरिकता के अधिकार की मांग कर रहे बंगाली समुदाय के लोगों को प्रमाण पत्र सौंपना रहा. मुख्यमंत्री ने 2500 परिवारों को नागरिकता और भूमि अधिकार के प्रमाण पत्र सौंपते हुए कहा कि 55 वर्ष पहले बांग्लादेश (तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान) से विस्थापित होकर आए इन हिंदुओं और जैनों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर पुनर्वासित किया गया है.
सीएम योगी ने कहा कि इस नागरिकता प्रमाण पत्र के मिलने के बाद अब दुनिया की कोई ताकत इन्हें यहां से निकाल नहीं सकती और न ही पराया कर सकती है. अब इन्हें अपनी विरासत और सपनों को संजोने का कानूनी हक मिल गया है. अब पुलिस या कोई अन्य विभाग इन्हें परेशान नहीं कर पाएगा. मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों में करीब 50,000 ऐसे परिवार थे जिन्हें नागरिकता की चिंता थी. जिनमें से अधिकांश को प्रमाण पत्र दिए जा चुके हैं और जल्द ही रामपुर में भी यह कार्य पूरा किया जाएगा.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश का विभाजन कांग्रेस की बड़ी गलती थी. अगर उस समय जिन्ना अपनी मौत मर गया होता तो देश का विभाजन नहीं होता और न ही लाखों निर्दोष लोगों का खून बहता. विभाजन के समय जो लोग भारत आए थे, तब इनकी उम्र महज 18-20 साल रही होगी, लेकिन इन्हें दशकों तक अपमानित होना पड़ा. कांग्रेस ने दिल्ली में नागरिकता संशोधन बिल (CAA) का विरोध करके यह साबित किया था कि उनकी सोच में देश के विभाजन के बाद सबसे पहला हक सिर्फ मुस्लिमों का होना चाहिए, हिंदुओं का नहीं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा के शासनकाल में विकास के एजेंडे में सिर्फ सैफई और एक खानदान का विकास शामिल था. पीलीभीत उनके एजेंडे में कभी नहीं था. जिन लोगों को आज नागरिकता मिली है, वे दलित और पिछड़े समाज के हैं, लेकिन सपा को सिर्फ अपने वोट बैंक यानी मुसलमानों की चिंता थी. इन गरीबों की नहीं. इसीलिए जनता ने परिवारवादियों की 'साइकिल' को पंचर कर दिया है.
सीएम योगी ने कहा कि पहले अपराधियों को मुख्यमंत्री आवास पर हवाई जहाज से बुलाकर सम्मानित किया जाता था. थानों पर कब्जे होते थे और बहू-बेटियां असुरक्षित थीं, लेकिन आज स्थिति बदल चुकी है. अब यूपी में नो दंगा, अब सब चंगा. आज माफिया अपने गले में तख्ती लटकाकर चलते हैं और जान की भीख मांगते हुए कहते हैं कि हमें माफ कर दो, हम अब कभी दंगा या अपराध नहीं करेंगे.