यूपी की सियासत में हलचल तेज, निषाद पार्टी के बयानों से गठबंधन समीकरणों पर बढ़ी चर्चा
Stir in UP politics; statements by the Nishad Party
लखनऊ। Stir in UP politics, चुनावी घटाएं घिरने के बीच राजनीतिक दल हवा का रुख परखने में जुट गए हैं। योगी सरकार में मंत्री एवं भाजपा के सहयोगी दल निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद ने बयानों से राजनीतिक का तापमान मापना शुरू कर दिया है।
पिछले दिनों जहां वह सपा के महासचिव शिवपाल सिंह के घर चाय पीकर आए, वहीं एक चर्चा में यह भी कहा कि ‘अगर भाजपा दरवाजा बंद करेगी तो कहीं तो ठिकाना बनाना ही पड़ेगा’।
उधर, प्रयागराज में करछना सीट के भाजपा विधायक पीयूष रंजन निषाद ने कहा है कि संजय निषादों के सर्वमान्य नेता नहीं हैं। साफ है कि बयानों की गरमी के बीच राजनीति में संभावनाओं की खिड़कियां खुली हुई हैं।
2022 के चुनाव में निषाद 11 सीटें हारी थी
2022 विधान सभा चुनाव में भाजपा ने निषाद पार्टी को 16 सीटें दीं, जिसमें से 11 हारी सीटें थी। पांच पर भाजपा ने अपने सिंबल पर निषाद पार्टी के प्रत्याशियों को चुनाव लड़ाया।
2024 लोकसभा चुनाव में एनडीए के सभी घटक दलों को झटका लगा। अब 2027 की तैयारी में जुटी निषाद पार्टी जहां 403 में से 380 विधान सभाओं में अध्यक्ष व प्रभारी बना चुकी है, वहीं 160 सीटों के बीच तीन जोनल प्रभारी बनाया है। 80 सीटों पर सेक्टर अध्यक्ष एवं बूथ अध्यक्ष बनाए गए हैं।
यहां पर निषाद पार्टी सम्मेलन करने की तैयारी में है। वहीं, संजय का कहना है कि भाजपा केंद्र एवं राज्य में सत्ता में है। हम उनके साथ धार्मिक, राजनीतिक एवं सामाजिक तीनों तरीकों से जुड़े हैं। अपने समाज के साथ न्याय करने एवं न्याय दिलाने के लिए भाजपा के साथ रहने का प्रयास है।