वंदे मातरम के अपमान पर होगी सख्त कार्रवाई, संसद के मानसून सत्र में सरकार ला सकती है नया विधेयक

1000263649

Strict action will be taken regarding the disrespect

नई दिल्ली। Strict action will be taken regarding the disrespect, राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम का अपमान करने या उसके गायन में बाधा डालने वालों के खिलाफ अब कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी। केंद्र सरकार आगामी 20 जुलाई से शुरू हो रहे संसद सत्र में राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक लोकसभा में पेश करने की तैयारी में है।

इसके साथ ही सरकार लोकसभा में पेश किए जाने वाले विधेयकों में से एक में जन्म और मृत्यु के विलंबित पंजीकरण को और अधिक सख्त बनाने की तैयारी में है। आइए जानते हैं आगामी सत्र में सरकार कौन-कौन से विधेयक लाने की तैयारी में है।

यह गृह मंत्रालय द्वारा जारी दिशानिर्देशों के बाद आया है, जिसमें आधिकारिक कार्यक्रमों में जहां राष्ट्रगान 'जन गण मन' बजाया जाता है, वहां राष्ट्रगान बजाना या गाना अनिवार्य कर दिया गया है। राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पहले ही मंजूरी दे दी है।

अपमान करने वालों पर होगी कार्रवाई

राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम संबंधी बिल के लोकसभा और राज्यसभा दोनों से पारित हो जाने के साथ ही यह कानून राष्ट्रीय गीत का अपमान करने को दंडनीय अपराध बना देगा, जिससे यह गणतंत्र के अन्य उच्च प्रतीकों, जैसे राष्ट्रीय गान, राष्ट्रीय ध्वज और संविधान, की श्रेणी में आ जाएगा, जिनका अपमान करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण संशोधन

हालांकि, विधेयक को कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही पेश किया जा सकता है, और सरकारी सूत्रों का कहना है कि सत्र शुरू होने के बाद ही इसके समय को अंतिम रूप दिया जाएगा। जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक को मंगलवार को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है। प्रस्ताव के अनुसार, दो साल के बाद दर्ज किए गए जन्म और मृत्यु को केवल प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर ही पंजीकृत किया जा सकता है।

सुप्रीम कोर्ट कानून में बदलाव

सुप्रीम कोर्ट में (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक संसद की उस अध्यादेश को मंजूरी देगा जिसके तहत सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 कर दी गई है।