यूपी को 7145 करोड़ का मेगा गिफ्ट, कानपुर-कबरई ग्रीनफील्ड हाईवे को कैबिनेट की मंजूरी; सीएम योगी ने जताया प्रधानमंत्री का आभार
Construction of the Kanpur-Kabrai Greenfield Highway approved
Construction of the Kanpur-Kabrai Greenfield Highway approved: उत्तर प्रदेश को बेहतर सड़क संपर्क और औद्योगिक विकास की दिशा में एक बड़ी सौगात मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने कानपुर-कबरई एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड हाईवे के निर्माण को मंजूरी दे दी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया। 7,145 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनने वाली इस परियोजना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि 'विकसित उत्तर प्रदेश' के संकल्प को नई शक्ति देने वाले इस दूरदर्शी निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का हार्दिक आभार।
मुख्यमंत्री ने पोस्ट में लिखा कि भोपाल-कानपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर का यह महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अनुरूप बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे और कानपुर रिंग रोड को निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। इससे आवागमन सुगम होगा, निवेश को नई गति मिलेगी और क्षेत्र के औद्योगिक विकास को सुदृढ़ आधार प्राप्त होगा।
डेढ़ घंटे में पूरा होगा सफर
राष्ट्रीय राजमार्ग-34 के तहत बनने वाला यह 117.7 किलोमीटर लंबा चार लेन का एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड हाईवे भविष्य में छह लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा। इस हाईवे के बनने के बाद कानपुर से कबरई तक का सफर, जो अभी करीब साढ़े तीन घंटे में पूरा होता है, वह घटकर करीब डेढ़ घंटे रह जाएगा।
बुंदेलखंड और मध्य प्रदेश को मिलेगा फायदा
यह हाईवे कानपुर, कबरई, सागर, भोपाल और मध्य प्रदेश के अन्य क्षेत्रों के बीच तेज और सुगम संपर्क उपलब्ध कराएगा। इससे उत्तर प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों का जुड़ाव मध्य प्रदेश के खनिज, कृषि और विनिर्माण क्षेत्रों से और मजबूत होगा। इससे व्यापार, उद्योग और माल परिवहन को भी गति मिलेगी।
खनन क्षेत्र से संपर्क मजबूत होगा
यह परियोजना एनएच-34, एनएच-35, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, कानपुर रिंग रोड और राज्य राजमार्ग एसएच-46, एसएच-91, एसएच-10बी और एसएच-42 के साथ रणनीतिक संपर्क भी प्रदान करेगी, जिससे क्षेत्रीय राजमार्ग नेटवर्क के साथ एकीकरण मजबूत होगा। यह कॉरिडोर कबराई खनन क्षेत्र से संपर्क को और मजबूत करेगा, खनिजों, औद्योगिक वस्तुओं, निर्माण सामग्री और कृषि उत्पादों की आवाजाही में सुधार करेगा, जिससे रसद दक्षता, आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
रोजगार के नए अवसर
इस परियोजना के निर्माण से बड़ी संख्या में रोजगार का भी सृजन होगा। अनुमान है कि निर्माण कार्य के दौरान करीब 1.2 करोड़ मानव-दिवस प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इससे स्थानीय लोगों को भी रोजगार मिलने की संभावना बढ़ेगी।