टेलीग्राम को स्थानीय कानूनों का पालन करना चाहिए: IIT कानपुर निदेशक प्रो. मणीन्द्र अग्रवाल

Telegram must comply with local laws

Telegram must comply with local laws

कानपुर। Telegram must comply with local laws, टेलीग्राम पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध को लेकर आइआइटी निदेशक प्रो. मणीन्द्र अग्रवाल ने कहा कि किसी भी मैसेजिंग प्लेटफार्म को उस देश के कानून का पालन करना चाहिए, जिस देश में उसका प्रयोग किया जा रहा है। टेलीग्राम पर सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंध अस्थायी है व इसे इसलिए लागू किया गया, क्योंकि टेलीग्राम के अधिकारियों ने जांच एजेंसियों के साथ सहयोग करने से इन्कार किया।

प्रो.अग्रवाल ने शुक्रवार रात एक्स पर 9:30 बजे अपनी पोस्ट में कहा कि टेलीग्राम को दूसरे मैसेजिंग प्लेटफार्म से सीखना चाहिए, जो जिस देश में प्लेटफार्म का प्रयोग हो रहा होता है, उस पर उसी देश का कानून लागू करते हैं। टेलीग्राम का उपयोग कई अवैध गतिविधियों के लिए किया जाता है, जिसकी ओर संयुक्त राष्ट्र भी पहले संकेत कर चुका है।

क्या था टेलीग्राम मैनेजमेंट का तर्क?

टेलीग्राम प्रबंधन का यह तर्क कि वह केवल एक तटस्थ मंच उपलब्ध कराता है और उसके उपयोग के लिए जिम्मेदार नहीं है, पूरी तरह उचित नहीं है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि किसी होटल में लगातार अवैध गतिविधियां संचालित हों और होटल मालिक जिम्मेदारी लेने से इन्कार कर दे, तो प्रशासन हस्तक्षेप कर कार्रवाई करेगा। टेलीग्राम का मामला भी इसी तरह का है।

इसके मालिक पावेल ड्यूरोव कंपनी के पूर्ण स्वामित्व में हैं और अरबों डालर मूल्य वाली इस कंपनी के लिए उपयोगकर्ता संख्या व राजस्व बढ़ाना स्वाभाविक लक्ष्य है। ऐसे में अवैध गतिविधियों की अनदेखी करने का लालच है, जो उन्हें कार्रवाई से रोकता है। टेलीग्राम को ऐसा मंच बनना चाहिए, जो उपयोगकर्ताओं की गोपनीयता व पहचान की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ अवैध गतिविधियों पर भी प्रभावी रोक लगाए।