उत्तर प्रदेश बन रहा देश की नई “स्किल कैपिटल”, युवाओं को मिल रही रोजगार और आत्मनिर्भरता की नई उड़ान

उत्तर प्रदेश बन रहा देश की नई “स्किल कैपिटल”, युवाओं को मिल रही रोजगार और आत्मनिर्भरता की नई उड़ान

Uttar Pradesh is emerging as the countrys new

Uttar Pradesh is emerging as the country's new "Skill Capital

लखनऊ। Uttar Pradesh is emerging as the country's new "Skill Capital, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने युवाओं को केवल शिक्षित करने तक ही सीमित नहीं रखा है, बल्कि उन्हें 'रोजगारपरक शिक्षा' और 'तकनीकी दक्षता' से लैस कर आत्मनिर्भरता की नई राह दिखाई है। प्रदेश सरकार की दूरदर्शी नीतियों का परिणाम है कि पिछले 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश तेजी से देश की “स्किल कैपिटल” के रूप में उभर रहा है। अब तक लगभग 14 लाख युवाओं को विभिन्न विधाओं में प्रशिक्षित कर उनके सपनों को नई उड़ान दी गई है, जिससे प्रदेश की युवा शक्ति अब राज्य की अर्थव्यवस्था की मुख्यधारा का हिस्सा बन रही है।

कौशल से समृद्धि की ओर

योगी सरकार ने कौशल विकास के पारंपरिक ढांचे को बदलते हुए उसे सीधे उद्योग और बाजार की मांग से जोड़ा है। आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, स्वास्थ्य सेवा और फैशन डिजाइनिंग जैसे क्षेत्रों में दिए गए प्रशिक्षण का ही नतीजा है कि 14 लाख प्रशिक्षित युवाओं में से 7.50 लाख से अधिक को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि प्रदेश में अब कौशल का अर्थ केवल प्रमाण पत्र नहीं, बल्कि आर्थिक स्वावलंबन बन चुका है।

पढ़ाई के साथ कमाई की तैयारी

युवाओं को आधुनिक उद्योगों की जरूरतों के हिसाब से तैयार करने के लिए “प्रोजेक्ट प्रवीण” योजना एक गेम-चेंजर साबित हुई है। इस योजना के माध्यम से अब तक 1.35 लाख विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान ही तकनीकी कौशल प्रदान किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जब युवा कॉलेज से डिग्री लेकर निकलें, तो वे रोजगार के लिए पूरी तरह तैयार और सक्षम हों।

रोजगार मेलों से कम हुआ पलायन

प्रदेश सरकार ने निजी क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों और युवाओं के बीच की दूरी को कम करने के लिए मंडल एवं जनपद स्तर पर अब तक 188 वृहद रोजगार मेलों का आयोजन किया है। इन मेलों के माध्यम से लगभग 4.40 लाख युवाओं को उनकी योग्यता के अनुसार प्रतिष्ठित कंपनियों में नियुक्तियां मिली हैं। अपने ही घर और प्रदेश में बेहतर अवसर मिलने से युवाओं के पलायन में भारी कमी आई है और वे अब उत्तर प्रदेश के नवनिर्माण में अपना योगदान दे रहे हैं।

स्वरोजगार और स्टार्टअप का नया हब

योगी सरकार का विजन युवाओं को केवल 'जॉब सीकर' (नौकरी मांगने वाला) नहीं, बल्कि 'जॉब क्रिएटर' (नौकरी देने वाला) बनाना है। इसके लिए एमएसएमई और स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता और मार्केट लिंकिंग की सुविधा दी जा रही है। विभागीय विशेषज्ञों का मानना है कि सबसे बड़ी युवा आबादी वाले इस राज्य में कौशल और उद्योगों का यह समन्वय उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य की ओर ले जाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।