ट्रंप को अमेरिका के राष्ट्रपति पद से हटाने की मांग; अमेरिकी सांसदों ने 25वें संशोधन की बात उठाई, मानसिक रूप से असंतुलित बताया
US Senators demand Trump removal from the US Presidency Due To Iran War
US President Trump: ईरान से जंग को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब अपने ही देश में घिरे हुए नजर आ रहे हैं और उनकी मुश्किल बढ़ सकती है। रिपोर्ट्स के अनुसार, जंग के चलते अमेरिका में ट्रंप के खिलाफ विरोध तो एक तरफ है, लेकिन अब इस बीच अमेरिकी सांसदों ने ही ट्रंप के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अमेरिकी सीनेटर क्रिस मर्फी, बर्नी सैंडर्स समेत कम से कम 5 अमेरीकी सांसदों ने ट्रंप के खिलाफ 25वें संशोधन लाने की मांग तेजी से उठाई है और इसे लागू कर ट्रंप को अमेरिका के राष्ट्रपति पद से हटाने की मांग की है। अगर ऐसा होता है तो ट्रंप की जगह जेडी वेंस अमेरिका के राष्ट्रपति बन सकते हैं।
ट्रंप के मानसिक संतुलन पर सवाल उठाए
इधर डोनाल्ड ट्रंप ईरान को अपशब्द बोलकर और बुरी तरह फंस गए हैं। डोनाल्ड ट्रंप के ईरान पर दिए गए अपशब्द से भरे बयान को लेकर उनके मानसिक संतुलन पर सवाल उठ रहे हैं। अमेरिकी नेताओं ने ट्रंप की इस स्थिति को खतरनाक बताते हुए अमेरिकी संसद (US Congress) से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। अमेरिकी सांसद क्रिस मर्फी ने कहा है कि ट्रंप का हाल ही में ईरान पर दिया गया अपशब्द पूर्ण बयान और लगातार दिए जा रहे कुछ ऐसे बयान हैं, जिनसे पता लगता है कि ट्रंप का मानसिक संतुलन ठीक नहीं है।
वहीं अमेरिकी सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने कहा कि ईरान पर अपशब्द बोलकर दिया गया ट्रंप का बयान मानसिक रूप से असंतुलित बयान है, अमेरिकी काँग्रेस (संसद) को इसमें तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए और यह युद्ध रोका जाना चाहिए। ट्रंप के ऐसे बयान से बहुत नुकसान हो सकता है। बता दें कि ट्रंप ने हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर ईरान को धमकाते हुए एक बयान जारी किया था। जिसमें उन्होंने कहा था कि "होर्मुज खोल दो वरना तुम (ईरान) $#@& नर्क में रहोगे, बस देखते जाओ"।
देखे लीजिए ट्रम्प का बयान
.jpg)
जंग में अब तक 2500 से ज्यादा लोगों की मौत
28 फरवरी से जारी ईरान और 'अमेरिका-इजरायल' जंग में अब तक 2500 से ज्यादा लोगों (आम लोग और सैनिक) की मौत हो चुकी है और करीब 7000 से अधिक लोग घायल हैं। ईरान में मरने वालों की संख्या सबसे ज्यादा है, जिसमें बच्चे भी शामिल हैं। वहीं ईरान सुप्रीम लीडर खामेनेई के साथ-साथ कई ईरानी शीर्ष कमांडर और नेता भी मारे गए हैं। साथ ही इस संघर्ष में ईरान में बड़ी संख्या में घर और बुनियादी सार्वजनिक ढांचे भी नष्ट हुए हैं।
इधर ईरान के साथ युद्ध शुरू करने पर अमेरिका जो सोच रहा था वैसा हुआ नहीं। ईरान को कमतर आंकना अमेरिका की चूक रही। अब हालत यह है कि अगर अमेरिका इजरायल के साथ मिलकर ईरान में तबाही मचा रहा है तो ईरान के जवाबी हमलों में अमेरिका भी काफी कुछ खो रहा है। इस जंग में अमेरिका के भी 13 सैनिक अब तक मारे जा चुके हैं, जबकि लगभग 200 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक घायल हैं, जिनमें से कई गंभीर हैं। इसके साथ कई अमेरिकी विमानों और सैन्य ठिकानों को बड़ा नुकसान पहुंचा है। वहीं इरानी हमलों में अमेरिका-इजरायल के अलावा यूएई, बहरीन, क़तर, कुवैत जैसे खाड़ी देशों का भी व्यापक नुकसान हुआ है.