यूपी बनेगा 10 राज्यों के विकास का 'चिकननेक': रेल प्रोजेक्ट की 5 बड़ी बातें

यूपी बनेगा 10 राज्यों के विकास का 'चिकननेक': रेल प्रोजेक्ट की 5 बड़ी बातें

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UP to Become the 'Chicken's Neck' for the Development

लखनऊ। UP to Become the 'Chicken's Neck' for the Development, उत्तर प्रदेश आने वाले समय में उत्तर से लेकर पूरब तक 10 राज्यों के विकास की धुरी बनेगा। गाजियाबाद से सीतापुर तक तीसरी व चौथी रेल लाइन प्रोजेक्ट को मंजूरी के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कैबिनेट ने इसे सीतापुर से बढ़ाकर बुढ़वल तक करने का निर्णय लिया है।

सीतापुर से बुढ़वल तक 96 किलोमीटर लंबे सेक्शन पर तीसरी व चौथी लाइन का विस्तार प्रस्तावित आर्थिक गलियारे का चिकननेक बनेगा। यह औद्योगिक नगरी लुधियाना से दानकुनी तक पूर्वी डेडिकेटेड फ्रेट कारिडोर का भी विकल्प बनेगा।

गाजियाबाद से सीतापुर तक अभी दो रेल लाइन का नेटवर्क है। इस पर मुरादाबाद-हरदोई होकर लखनऊ और मुरादाबाद-रोजा होकर बुढ़वल, देहरादून, जम्मूतवी और पंजाब की ओर से मुरादाबाद होकर आने वाली ट्रेनों के साथ-साथ मालगाड़ियों का दबाव बहुत अधिक रहता है।

गाजियाबाद से सीतापुर और फिर सीतापुर से बुढ़वल तक तीसरी व चौथी लाइन बिछने के बाद हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड के बने उत्पादों को उत्तर प्रदेश जैसे बड़े बाजार में लाना आसान होगा।

वहीं, यह माल बिना देरी के ही बिहार, झारखंड, उड़ीसा और पश्चिम बंगाल को भी तेजी से पहुंचाया जा सकेगा। तीसरी व चौथी लाइन के प्रोजेक्ट में नई लाइन और स्टेशन बनेंगे। यह नए स्टेशन न्यू हापुड़, न्यू मुरादाबाद, न्यू रामपुर, न्यू बरेली, न्यू शाहजहांपुर और न्यू सीतापुर होंगे। यह प्रोजेक्ट चार साल में पूरा होगा। इस प्रोजेक्ट के बाद सालाना 36 मिलियन टन माल ढुलाई बढ़ेगी।

इससे लाजिस्टिक लागत में हर साल 2877 करोड़ रुपये की बचत होगी। साथ ही 264 लाख मानव दिवस का रोजगार भी मिल सकेगा। गाजियाबाद की मशीनरी, इलेक्ट्रानिक्स और फार्मा, मुरादाबाद के पीतल और हैंडीक्राफ्ट, शाहजहांपुर के फर्नीचर, टेक्सटाइल व कारपेट, सीतापुर की दरी जैसे उद्योंगों को बढ़ावा मिलेगा।

बनेगा नया रूट
लखनऊ से सीतापुर अभी सिंगल लाइन है। हरदोई सेक्शन पर ट्रेनाें का दबाव बहुत अधिक है। ऐसे में यह तीसरी व चौथी लाइन का प्रोजेक्ट लखनऊ के लिए भी संजीवनी बनेगा। लखनऊ से सीतापुर सेक्शन की डबलिंग करके वहां से दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, पंजाब, जम्मू कश्मीर के लिए नए रूट का विकल्प तैयार होगा। कई ट्रेनों को इस नए रूट पर शिफ्ट किया जा सकेगा।

बचेगा दो से तीन घंटे का समय
रोजा जंक्शन पर सीतापुर, हरदोई और उन्नाव-बालामऊ सेक्शन की तीन लाइनों का लोड एक साथ होता है। ऐसे में ट्रेनों की औसत गति प्रभावित होती है। ट्रेनें एक से दो घंटें तक बंचिंग (एक सेक्शन पर कई ट्रेनों का फंसना) का शिकार होती हैं।

तीसरी और चौथी लाइन पर मालगाड़ियों के साथ-साथ ट्रेनों को शिफ्ट किया जा सकेगा। इससे दबाव कम होगा और ट्रेनों का लखनऊ से दिल्ली और जम्मू कश्मीर तक एक से दो घंटे का समय बिना कोई ठहराव कम किये ही बच सकेगा।

पर्यटन का केंद्र बनेगा मध्य उत्तर प्रदेश
अयोध्या धाम के बाद अब नैमिष धाम आने वाले यात्रियों की संख्या भी बढ़ रही है। तीसरी व चौथी लाइन का नेटवर्क दूधेश्वरनाथ, गढ़मुक्तेश्वर और हरिद्वार को नैमिष धाम से जोड़ेगा, बल्कि इससे भविष्य में नैमिष धाम-अयोध्या-काशी विश्वनाथ की धार्मिक यात्रा के लिए तैयार होने वाले नए सर्किल को भी लाभ मिलेगा। सीतापुर धार्मिक पर्यटन का केंद्र बिंदु बनेगा।