यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा विवाद: प्रश्न के 'विकल्प' पर मचा बवाल, डिप्टी सीएम ने दिए सख्त जांच के आदेश
UP Police Recruitment Exam Controversy
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यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा में प्रश्नपत्र पर विवाद।
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'पंडित' विकल्प को लेकर सोशल मीडिया पर आपत्ति।
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उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने जांच के आदेश दिए।
नई दिल्ली। UP Police Recruitment Exam Controversy, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा एक बार फिर विवादों के घेरे में है। इस बार मामला किसी पेपर लीक का नहीं, बल्कि हिंदी के प्रश्नपत्र में पूछे गए एक सवाल के 'विकल्प' (Options) को लेकर है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे प्रश्नपत्र के बाद उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इस पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है और दोषियों के खिलाफ सख्त जांच के निर्देश दिए हैं।
क्या है पूरा विवाद?
दरअसल, सोशल मीडिया पर वायरल हो रही प्रश्नपत्र की तस्वीर (क्वेश्चन नंबर 3) में एक वाक्यांश के लिए एक शब्द चुनने को कहा गया था। प्रश्न था: 'अवसर के अनुसार बदल जाने वाला'। इसके लिए चार विकल्प दिए गए थे:
इस प्रश्न में 'अवसरवादी' (Opportunist) के अर्थ के रूप में 'पंडित' शब्द को एक विकल्प के तौर पर रखना विवाद की जड़ बन गया। सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे एक विशिष्ट वर्ग की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला और अपमानजनक बता रहे हैं।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने लिया संज्ञान
मामला गरमाते ही उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा करते हुए सरकार का कड़ा रुख स्पष्ट किया। उन्होंने लिखा कि उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा में आए एक प्रश्न को लेकर जो विकल्प दिए गए उन पर हमें कड़ी आपत्ति है। सरकार ने इसे गंभीरता से संज्ञान में लिया है। किसी भी प्रश्न से किसी समाज या वर्ग की गरिमा को ठेस पहुंचती है तो यह बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है।
उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि किसी भी जाति, समुदाय या परंपरा के प्रति अपमानजनक शब्दों को कोई स्थान नहीं मिलना चाहिए। इस पूरे मामले की तत्काल जांच के निर्देश दे दिए गए हैं और संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सरकार की प्राथमिकता: सबका सम्मान
अपने बयान में डिप्टी सीएम ने जोर देकर कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार सभी समाजों के सम्मान, समानता और संवेदनशीलता के सिद्धांत पर काम करती है। प्रदेश के हर नागरिक की गरिमा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।