यूपी पंचायत चुनाव 2026: ओबीसी आरक्षण तय करने के लिए सरकार ने गठित किया नया आयोग
UP Panchayat Elections 2026: Government sets up new
लखनऊ। UP Panchayat Chunav | प्रदेश सरकार ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) का आरक्षण तय करने के लिए ''उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग'' गठित कर दिया है। इलाहाबाद हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश राम औतार सिंह अध्यक्ष बनाए गए हैं।
पांच सदस्यीय आयोग में चार सदस्य भी नियुक्त किए गए हैं। आयोग का कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तिथि से छह माह तक रहेगा।
यह आयोग पंचायतों में ओबीसी आरक्षण की प्रकृति, प्रभाव और वर्तमान सामाजिक स्थिति का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट देगा, जिसके आधार पर पंचायत स्तर पर आरक्षण का निर्धारण किया जाएगा।
आयोग में सेवानिवृत्त अपर जिला न्यायाधीश बृजेश कुमार, सेवानिवृत्त अपर जिला न्यायाधीश संतोष कुमार विश्वकर्मा, सेवानिवृत्त आइएएस अधिकारी डॉ. अरविन्द कुमार चौरसिया और सेवानिवृत्त आइएएस अधिकारी एसपी सिंह सदस्य बनाए गए हैं।
आयोग के अध्यक्ष वहीं हैं जिन्हें वर्ष 2023 में नगरीय निकाय चुनाव के समय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का अध्यक्ष बनाया गया था। बिजनौर के नजीबाबाद निवासी न्यायाधीश राम औतार ने प्रदेशभर में व्यापक सर्वे और आंकड़ों के अध्ययन के बाद अपनी रिपोर्ट दी थी, जिसके आधार पर नगर निकाय चुनावों में ओबीसी आरक्षण लागू किया गया था। अब पंचायत चुनावों में ओबीसी आरक्षण तय करने के लिए आयोग गठित कर उन्हें फिर से जिम्मेदारी दी गई है।
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित ट्रिपल टेस्ट व्यवस्था के तहत स्थानीय निकाय चुनावों में ओबीसी आरक्षण लागू करने के लिए समर्पित आयोग का गठन आवश्यक होता है। आयोग स्थानीय निकायों में पिछड़े वर्ग की सामाजिक, राजनीतिक और प्रशासनिक भागीदारी का अध्ययन कर आरक्षण की सीमा और स्वरूप पर अपनी सिफारिश देगा।
प्रमुख सचिव पंचायती राज अनिल कुमार की ओर से बुधवार को जारी अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि अध्यक्ष और सदस्यों के मानदेय, भत्तों तथा अन्य सुविधाओं के संबंध में अलग से आदेश जारी किए जाएंगे।