यूपी 'हाई अलर्ट': 30 अप्रैल से 2 मई के बीच विशेष सतर्कता के निर्देश; अशांति फैलाने वालों पर होगा कड़ा एक्शन

यूपी 'हाई अलर्ट': 30 अप्रैल से 2 मई के बीच विशेष सतर्कता के निर्देश; अशांति फैलाने वालों पर होगा कड़ा एक्शन

UP on High Alert: Directives issued for heightened

UP on 'High Alert': Directives issued for heightened

लखनऊ। UP on 'High Alert': मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि कुछ जिलों से ऐसी सूचनाएं मिली हैं कि अराजक तत्व राज्य में औद्योगिक अशांति, जातीय हिंसा व संघर्ष भड़काने का प्रयास कर रहे हैं।

उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसी साजिश करने वाले अराजक तत्वों पर पैनी नजर रखते हुए उनसे सख्ती से निपटा जाए। मुख्यमंत्री ने 30 अप्रैल से दो मई के बीच पुलिस को विशेष सतर्कता बरतने की हिदायत देते हुए कहा कि किसी भी असहज स्थिति के उत्पन्न होने से पूर्व ही प्रभावी कार्रवाई की जाए।

बुधवार को अपने सरकारी आवास पर कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक में योगी ने पिछले दिनों नोएडा में औद्योगिक अशांति उत्पन्न करने के प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि वर्तमान में स्थिति सामान्य है। इसके बाद भी 30 अप्रैल से दो मई के बीच दोबारा अशांति फैलाने की कोशिशें की जा सकती हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक अशांति किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी इसलिए अराजक तत्वों की पहचान कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए।

भीषण गर्मी के मद्देनजर उन्होंने सभी बारूद के गोदामों एवं आतिशबाजी के कारखानों का विशेष निरीक्षण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। कहा कि गर्मी में बारूद के गोदामों व अतिशबाजी के कारखानों में विशेष सतर्कता की जरूरत होती है इसलिए संबंधित अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर निरीक्षण करें, जिससे किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना को समाप्त किया जा सके। साथ ही सुरक्षा मानकों का कड़ाई से अनुपालन किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए कहा कि आमजन में किसी प्रकार का अनावश्यक पैनिक न हो। आपूर्ति एवं वितरण पूरी तरह सामान्य है। इस संबंध में समय-समय पर नागरिकों को अवगत कराया जाए।

सभी जिलाधिकारी अपने-अपने जिलों में पेट्रोलियम कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ नियमित बैठक कर आपूर्ति एवं वितरण की समीक्षा करें। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि नेपाल सीमा से सटे जिलों में कालाबाजारी एवं जमाखोरी पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जाए।