यूपी चुनाव आयोग का बड़ा एक्शन: चुनावी खर्च न देने पर 6 उम्मीदवार 3 साल के लिए बैन
UP Election Commission takes major action
लखनऊ: UP Election Commission takes major action, चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश में चुनाव लड़ने वाले 6 उम्मीदवारों को बैन कर दिया है। इन सभी उम्मीदवारों ने चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद खर्च का ब्योरा नहीं दिया था। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिणवा ने बताया कि 25 फरवरी 2028 तक ये उम्मीदवार संसद के किसी भी सदन, विधानसभा या विधान परिषद का चुनाव नहीं लड़ सकेंगे।
नवदीप रिणवा ने बताया कि किसी भी चुनाव में हिस्सा लेने वाले सभी उम्मीदवारों को परिणाम घोषित के 30 दिन के भीतर अपने चुनावी खर्च का ब्योरा संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी के पास जमा कराना होता है। इन 6 उम्मीदवारों ने चुनाव आयोग का नोटिस मिलने के बाद भी न तो कोई कारण बताया और न ही अपना पक्ष रखा।
यूपी में छह उम्मीदवारों को तीन साल के अयोग्य घोषित किया गया है। इस दौरान वे लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा और विधान परिषद का कोई भी चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। इन प्रत्याशियों ने न समय से चुनाव व्यय बताया और न ही आयोग के नोटिस के बाद कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण या कारण बताया।
यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा
ये उम्मीदवार हुए बैन
- बिसौली विधानसभा से चुनाव लड़े प्रज्ञा यशोदा और सुरेंद्र
- सहसवान के अनिल कुमार
- शेखूपुर की ममता देवी
- दातागंज के ओमवीर और मुन्ना लाल
वोटर फॉर्म भरने की आज अंतिम तारीख
वहीं, उत्तर प्रदेश में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के साथ ही वोटर बनने के लिए फॉर्म-6 भरे जाने का क्रम जारी है। जो आवेदक शुक्रवार तक फॉर्म-6 भर देंगे, उनके विवरण व दस्तावेज सही होने पर उनका नाम अगले महीने जारी होने वाली अंतिम वोटर लिस्ट में शुमार कर लिया जाएगा। इसके बाद आवेदन करने वालों का नाम बाद में जोड़ा जाएगा। चुनाव आयोग को बुधवार शाम तक 65.75 लाख आवेदन वोटर बनने के लिए मिल चुके हैं।
आगे बढ़ाई गई थी SIR की तारीख
इससे पहले चुनाव आयोग की तरफ से बताया गया था कि एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) के अंतर्गत यूपी में फाइनल वोटर लिस्ट 10 अप्रैल को जारी की जाएगी। दरअसल, यूपी में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद, दावे और आपत्ति दर्ज कराने के लिए पहले 6 फरवरी तक का समय दिया गया था। बाद में इसे बढ़ाकर 6 मार्च कर दिया गया।