"अखिलेश का हमला: योगी उपद्रवी, यूपी अपराध का गढ़"

"अखिलेश का हमला: योगी उपद्रवी, यूपी अपराध का गढ़"

UP a hotbed of crime

UP a hotbed of crime

  1. मुख्यमंत्री योगी खुद उपद्रवी थे, अखिलेश का आरोप।

  2. भाजपा राज में यूपी अपराध और पाप का गढ़ बना।

  3. काशी में मणिकर्णिका घाट और अहिल्याबाई मूर्ति तोड़ी।

लखनऊ। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तीखा हमला बोला। सपा प्रमुख ने कहा कि मुख्यमंत्री खुद उपद्रवी थे, उन पर मुकदमे समाजवादियों ने नहीं लगाए थे, उन पर मुकदमे पहले के थे। समाजवादियों ने तो एक बार उन्हें बचाया था, लेकिन उन्हें बचाना समाजवादियों की गलती थी, उस गलती को हम स्वीकार करते हैं।

आरोप लगाया कि भाजपा राज में यूपी अपराध और पाप का गढ़ बन गया है। भाजपा राज में यूपी ने संतों के मान से अपमान तक का रास्ता तय किया। यूपी में अपराधियों के डर व वसूली की वजह से कर्फ्यू जैसी पाबंदी रहती है।

मंगलवार को एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से वार्ता में सपा प्रमुख ने कहा कि मुख्यमंत्री ने काशी में मणिकर्णिका घाट के साथ ही अहिल्याबाई की मूर्ति को तुड़वा दिया है। सनातन समाज और पाल समाज के लोग मुख्यमंत्री से बहुत नाराज हैं। काशी में करीब सौ मंदिर भी तोड़े हैं। नेपाल नरेश का दान किया हुआ घंटा भी गायब हो गया है।

वहीं पार्टी की ओर से जारी बयान में कहा कि पूरे यूपी में गैरकानूनी लोगों का राज है। उत्तर प्रदेश में अब भाजपा सरकार से कोई उम्मीद नहीं करता, इसीलिए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल नहीं उठता। भाजपा राज में कमीशनखोर ही सरकार चला रहे हैं। वर्ष 2017 के बाद यूपी उथल-पुथल प्रदेश बना है। भाजपा सरकार ने अहिल्या बाई होल्कर की धरोहर को तोड़ने का पाप किया। भ्रष्ट भाजपा राज में आज यूपी पिछड़ता उत्तर प्रदेश है। उत्तर प्रदेश में वन स्टेट, वन माफिया है। जेन जी लोगों ने सीएम का नया शब्द निकाला है, करप्ट माउथ।

सपा प्रमुख ने एक्स के माध्यम से भी हमले किए। मुख्यमंत्री के साक्षात्कार से जुड़े वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा,‘जो बातें करता भद्दी-भद्दी, उसको नहीं सुहाती गद्दी।’ इसी तरह की दूसरी पोस्ट में लिखा,‘जा की खुद की सोच हो तंग अउर छोटी, वा को दुनिया भर की नीयत लागे खोटी।’ वहीं एक अन्य पोस्ट में कहा कि जिनके परिवार नहीं होते वो ही किसी की अर्द्धांगिनी को ‘धर्म पत्नी’ के स्थान पर भरे सदन में अभद्र-अपमानजनक शब्द से संबोधित कर सकते हैं।