IPS ज्येष्ठा मैत्रेयी: 7 दिन में 2 तबादले; अब संभालेंगी सवाई माधोपुर की कमान
Two Transfers in Seven Days; Now to Take Charge of Sawai Madhopur
जयपुर: राजस्थान सरकार की ओर से चार दिन पहले ही प्रशासनिक फेरबदल की नई लिस्ट जारी की गई। इसमें राजस्थान कैडर की तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी ज्येष्ठा मैत्रेयी को फिर से नई जिम्मेदारी भजनलाल सरकार की ओर से दी गई है। दरअसल, 19 मार्च की देर रात जारी प्रदेश सरकार के आदेश के बाद आईपीएस ज्येष्ठा मैत्रेयी का तबादला बांसवाड़ा से सवाई माधोपुर कर दिया गया, जिसके बाद से फिर ज्येष्ठा मैत्रेयी फिर चर्चा में हैं। बता दें कि हाल ही राजस्थान सरकार की ओर से जारी की गई लिस्ट में 9 आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए गए हैं।
1 हफ्ते में दो तबादले
बता दें कि सूची में ज्येष्ठा मैत्रेयी का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है। खास बात यह है कि उनका एक सप्ताह के भीतर ही दूसरी बार तबादला कर दिया गया। सरकार ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें सवाई माधोपुर जैसे महत्वपूर्ण जिले का पुलिस अधीक्षक (एसपी) बनाकर भेजा है। राजस्थान सरकार की ओर से 13 मार्च को जारी ट्रांसफर सूची में ज्येष्ठा मैत्रेयी को भिवाड़ी से हटाकर बांसवाड़ा का एसपी लगाया गया था। हालांकि उन्होंने बांसवाड़ा में कार्यभार ग्रहण भी नहीं किया था। इसी बीच 19 मार्च की देर रात जारी आदेश में उनका तबादला बांसवाड़ा से सवाई माधोपुर कर दिया गया। लगातार हो रहे तबादलों के कारण उनका नाम प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
जानिए ज्येष्ठा मैत्रेयी के बारे में
ज्येष्ठा मैत्रेयी राजस्थान की कुशल IPS के तौर पर पहचान रखती हैं। 12वीं कक्षा पास करने के बाद उन्होंने नोएडा स्थित जेपी इंस्टीट्यूट से इंजीनियरिंग में बीटेक में प्रवेश लिया। बीटेक के अंतिम वर्ष में ही उन्होंने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की परीक्षा दी थी। मध्यप्रदेश के गुना की रहने वाली ज्येष्ठा को इसके बाद उन्हें डीएसपी पद पर नियुक्ति मिली। बड़ी बात यह है कि उनकी पहली पोस्टिंग चुनौती वाले जिले मुरैना में हुई। डीएसपी की ट्रेनिंग के दौरान ही उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तैयारी शुरू कर दी थी। मुरैना में डीएसपी रहते हुए भी उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी। आखिरकार 2017 में 156 वीं रैंक के साथ यूपीएससी परीक्षा पास की और अब राजस्थान आईपीएस अधिकारी के तौर पर खास पहचान रखती हैं।
पुलिसकर्मियों की ओर से लोकेशन ट्रैक करने के दौरान आई थी चर्चा में
उल्लेखनीय है कि ज्येष्ठा मैत्रेयी साल 2024 में खास तौर पर चर्चा में रही थीं। दरअसल, अक्टूबर 2024 में ज्येष्ठा मैत्रेयी को लेकर जानकारी मिली थी कि भिवाड़ी की पुलिस अधीक्षक के तौर पर जब वो नियुक्त थीं तो इस दौरान उनके स्टाफ ने भिवाड़ी पुलिस की साइबर सेल के कर्मचारियों ने कम से कम 15 बार उनकी लोकेशन ट्रेस की थी। उनके निजी और आधिकारिक मोबाइल नंबरों को ट्रैक किया गया। घटना के बाद इस मामले में कई पुलिसकर्मियों को उस वक्त सस्पेंड भी किया गया। इधऱ पूरे मामले में IPS ज्येष्ठा ने विश्वसाघात बताते हुए कहा था कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि अपने ही विभाग के लोग उनकी जासूसी करेंगे।