'भ्रष्टाचारी चेहरों के बेनकाब होने से कांग्रेस में खलबली': चेस्टर हील जमीन घोटाले पर जयराम ठाकुर का बड़ा हमला

'भ्रष्टाचारी चेहरों के बेनकाब होने से कांग्रेस में खलबली': चेस्टर हील जमीन घोटाले पर जयराम ठाकुर का बड़ा हमला

Turmoil in Congress as Corrupt Faces Stand Exposed

'Turmoil in Congress as Corrupt Faces Stand Exposed'

मंडी। 'Turmoil in Congress as Corrupt Faces Stand Exposed', पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि जब भ्रष्टाचार में संलिप्त चेहरे बेनकाब होने लगे हैं, तो पूरी कांग्रेस पार्टी और सरकार में खलबली मच गई है। मंडी से बयान में उन्होंने कहा कि चेस्टर हील जमीन घोटाले में निष्पक्ष जांच के बजाय मुख्यमंत्री साक्ष्यों को दबाने और दोषियों को संरक्षण देने में जुटे हैं।

विवादास्पद पत्र पर सवाल खड़े

भले ही अब मुख्य सचिव के जारी विवादास्पद पत्र को वापस ले लिया हो, लेकिन इससे कई सवाल खड़े हो गए हैं। उन्होंने पूछा कि आखिर ऐसी क्या मजबूरी थी कि मुख्य सचिव के पत्र को आनन-फानन में वापस लेना पड़ा और क्या वह पत्र वास्तव में अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर लिखा गया था? यह पत्र किसके इशारे पर लिखा गया था और इसके पीछे वास्तविक मंशा क्या थी।

आनन-फानन में फैसला क्यों सुनाया

उन्होंने पूछा कि जब अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) अवकाश पर थे, तो उनके कार्यभार को संभाल रहे अधिकारी ने आनन-फानन में फैसला क्यों सुनाया, दोनों पक्षों की दलीलें सुने बिना एकतरफा निर्णय किसके हित साधने के लिए लिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के इस खेल में पर्दे के पीछे छिपे किरदारों को अब छिपने की जगह नहीं मिलेगी और सरकार को सवालों का जवाब देना होगा।

सीएम की भूमिका पर भी एतराज जताया

मुख्यमंत्री की भूमिका पर भी कड़ा एतराज जताया और कहा कि जब यह मामला मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक हो चुका था, तब मुख्यमंत्री पूरे प्रकरण से अनभिज्ञ होने का 'नाटक' क्यों करते रहे और लगातार संबंधित अधिकारियों का बचाव किस आधार पर किया जा रहा था। 

उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि पत्र वापस लेना केवल एक लीपापोती है, जबकि असली खेल उस प्रक्रिया और मंशा में छिपा है जिसके तहत एकतरफा आदेश पारित किए गए थे और विपक्ष इस मामले को तार्किक परिणति तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।