मानसून आते ही शिमला में घटे सैलानी, समर सीजन में 22 लाख वाहनों की आवाजाही से पुलिस ने संभाला ट्रैफिक

मानसून आते ही शिमला में घटे सैलानी, समर सीजन में 22 लाख वाहनों की आवाजाही से पुलिस ने संभाला ट्रैफिक

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Tourist numbers in Shimla dropped with the arrival of the monsoon

शिमला। शिमला में मानसून सीजन शुरू होते ही सैलानियों की संख्या घट गई है। जून महीने में जहां होटलों में 90 प्रतिशत तक आक्यूपेंसी थी, तो वहीं अब सप्ताहांत पर भी 50 प्रतिशत के आसपास ही ऑक्यूपेंसी है। सड़कों पर वाहनों को दबाव भी कम हो गया है।

हालांकि इससे पहले समर सीजन में शिमला में भारी संख्या में सैलानी पहुंचे। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार मई से अब तक शहर के विभिन्न प्रवेश मार्गों से करीब 22 लाख वाहनों का आवागमन दर्ज किया गया। सीमित सड़क क्षमता के बावजूद पुलिस ने अतिरिक्त जवानों की तैनाती, शहर को पांच सेक्टरों में बांटने, वैकल्पिक मार्गों के इस्तेमाल और त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था से यातायात को सुचारु बनाए रखा।

मई में करीब 8.5 लाख, जून में 10.5 लाख और जुलाई में अब तक करीब तीन लाख वाहनों का आवागमन दर्ज किया गया है।वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पुलिस ने यातायात व्यवस्था में तैनात पुलिस और गृह रक्षक जवानों की संख्या 136 से बढ़ाकर 265 कर दी।

शहर को पांच सेक्टरों में किया विभाजित

इसके अतिरिक्त करीब 50 स्वयंसेवकों और 32 यातायात बाइक सवारों को तैनात किया गया। शहर को पांच सेक्टरों में विभाजित कर प्रत्येक सेक्टर की जिम्मेदारी पुलिस उपाधीक्षक यातायात की निगरानी में एक गैर राजपत्रित प्रथम श्रेणी अधिकारी को सौंपी गई।

अधिकारियों ने सड़क पर उतरकर यातायात संचालन की कमान संभाली। व्यस्त समय में पर्यवेक्षण अधिकारियों और थाना प्रभारियों ने भी मौके पर मौजूद रहकर व्यवस्था संभाली।

यातायात बाधित होने की स्थिति में सेक्टर अधिकारियों, बाइक सवारों और क्रेन की संयुक्त टीमों ने मार्गों को जल्द सामान्य किया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भी लगातार क्षेत्र का दौरा कर स्थिति की समीक्षा की और आवश्यकता पड़ने पर मौके पर ही निर्णय लिए।

शोघी मैहली बाईपास बना अच्छा विकल्प

शहर के भीतर यातायात दबाव कम करने के लिए कुफरी, मशोबरा, नालदेहरा, ऊपरी शिमला और किन्नौर की ओर जाने वाले वाहनों को शोगी-मेहली बाईपास से भेजने की व्यवस्था की गई। ऐसे वाहनों की शोगी से पहले ही पहचान कर उन पर स्टिकर लगाए गए।

पुलिस के अनुसार प्रतिदिन औसतन 600 से 800 वाहनों ने वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल किया। इससे शहर के मुख्य मार्गों पर दबाव कम करने में मदद मिली। पुलिस के अनुसार सीजन के दौरान यातायात प्रवाह को किसी स्थान पर पूरी तरह नहीं रोका गया।

ट्रैवलर, अर्बेनिया और स्कैनिया जैसे बड़े यात्री वाहनों को भी प्रमुख पर्यटन स्थलों तक जाने की अनुमति दी गई। इससे पर्यटकों की पर्यटन स्थलों तक पहुंच बनी रही।