तीर्थकर ऋषभदेव जी जन्मकल्यानक 12 मार्च पर

तीर्थकर ऋषभदेव जी जन्मकल्यानक 12 मार्च पर

Tirthankar Rishabhdev Ji Birth Anniversary

Tirthankar Rishabhdev Ji Birth Anniversary

शांति नोबल अभिलाषी...
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इंजी. अरुण कुमार जैन 
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युग ब्रम्हा क्यों सृष्टि बनायी..?
असि, मसि, कृषि व शिल्प सिखाया,
अंक, लिपि बनवायी.
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पशु सम रहते थे हम जग में, संस्कार सिखलाये,
कर्म, कला का ज्ञान नहीं था, सारे ज्ञान सिखाये.
धूल धूसरित थे हम मानव
स्वर्ग के सुख दिलवाये,
षठरस व्यंजन, मोद, प्रमोद रस, तृप्ति बोध कराये.
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सोचा होगा प्रभु आपने,
वसुधा स्वर्ग बनेगी,
नेह, प्रेम, सहयोग, मैत्री,
हर मन अब विकसेगी,
सभी चराचर हिल मिल कर,नित्य ही प्रगति करेंगे,
नंदनकानन से भी अनुपम
अपनी धरा करेंगे.
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सृजनामृत जो दिया आपने,                    हमने बिष कर डाला,
हिंसा, हत्या, रक्तपात से,
भू मण्डल भर डाला,
शिशु अबोध, बेटियाँ प्यारी, नारी सिसक रहीं हैं
व्यथित, दुखी, यह जगत धधकता, खुशियाँ सिमट रहीं हैं.
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विश्व का नायक आग उगलकर,
 अट्टाहस करता है,
शांति नोबल अभिलाषी जो, रक्तपात रचता है.
बलूच, पाक, अफगान    धधकते, युक्रेन, रूस लड़ते हैं,
इजराइल,गाजा, ईरान, कुबैत मरते व मिटते हैं.
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प्रभु के वरदानों को भूले, नित विनाश के पथ पर,
करुणा,प्रेम, नेह के दाता,
प्रभु, गुण भूले यह सब.
जन्मकल्याणक पावन दिन पर, विनती हर इक मन से 
पीर, वेदना शमन हो सबकी,सेवा, करुणा पनपे.
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संपर्क //अमृता हॉस्पिटल, सेक्टर 88,फ़रीदाबाद, हरियाणा.
मो 7999469175