शिमला में मौसम का मिजाज बदलेगा, 24 अप्रैल से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना
The weather pattern in Shimla is set to change
शिमला। प्रदेश में 24 अप्रैल से पश्चिमी विक्षोभ फिर सक्रिय हो रहा है। इससे 25, 26 व 27 अप्रैल को 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से आंधी चलने जबकि ऊंचे क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर हिमपात और निचले क्षेत्रों में वर्षा की संभावना है। 23 अप्रैल तक मौसम साफ रहने का अनुमान है।
दो दिन से कड़क धूप के कारण प्रदेश में नौ स्थानों पर अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। हालांकि बीते कल की अपेक्षा अधिकतम तापमान में कोई विशेष बदलाव नहीं आया है। इन दिनों गेहूं की कटाई का काम चल रहा है। ऐसे में मौसम साफ रहने से किसानों को लाभ है।
हालांकि आगामी दिनों में वर्षा की संभावना पर किसानों की चिंताएं बढ़नी शुरू हो गई हैं। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान ऊना में 0.4 डिग्री की गिरावट के साथ 38 डिग्री दर्ज किया गया। बीते वर्ष यहां तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था।
प्रदेश के जनजातीय और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी इन दिनों बीते वर्षों की अपेक्षा अभी कम तापमान दर्ज किया जा रहा है। आगामी दिनों में तापमान में वृद्धि का अनुमान है। न्यूनतम तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है।
रोहतांग दर्रे की बहाली का काम इन दिनों तेजी से चल रहा है। सीमा सड़क सड़क (बीआरओ) ने ब्यास नाला में हिमस्खलन वाले प्वाइंट पर बर्फ हटा दी है यहां दोनों ओर 20 फीट ऊंची बर्फ की दीवार बन गई है। समुद्र तल से 13,050 फीट की ऊंचाई पर स्थित रोहतांग दर्रे से गुजरने वाला मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग चार महीनों से बंद है।
मार्ग को बहाल करने के लिए बीआरओ की टीम जुटी है। मनाली से करीब 35 किलोमीटर दूर मढ़ी तक बर्फ हटाने का काम पूरा कर लिया है, जबकि शेष हिस्सों में स्नो कटर व डोजर द्वारा बर्फ हटाने का काम जारी है।
मनाली की ओर से बीआरओ मढ़ी से आगे निकल गया है तथा रोहतांग से 15 किलोमीटर जबकि लाहुल की ओर 12 किलोमीटर दूर है। बीआरओ कमांडर कर्नल गौरव का कहना है कि मौसम अनुकूल रहा तो मई के मध्य तक रोहतांग दर्रा सहित मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग को यातायात के लिए बहाल किया जा सकता है।