शिमला नगर निगम ने बड़े होटलों पर बकाया संपत्ति कर वसूली के लिए कड़ा कदम उठाया
The Shimla Municipal Corporation has taken
शिमला। वित्तीय वर्ष के अंत में बकाया टैक्स की वसूली को लेकर नगर निगम प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए शहर के पांच बड़े होटलों पर बड़ी कार्रवाई की है। इन होटलों द्वारा लाखों रुपये का संपत्ति कर जमा न करने पर निगम ने उनके बिजली और पानी के कनेक्शन काट दिए हैं। इस बीच एक विधायक की ओर से दिया गया संपत्ति कर का चेक बाउंस हो गया है।
होटलों पर इस कार्रवाई से कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। नगर निगम के अनुसार इन होटलों पर लंबे समय से संपत्ति कर बकाया था। निगम प्रशासन की ओर से पहले कई बार नोटिस जारी कर उन्हें टैक्स जमा करने के लिए समय दिया गया था। इसके बावजूद संबंधित होटल मालिकों ने भुगतान नहीं किया।
अंतिम चेतावनी के बाद कार्रवाई
अंतिम चेतावनी के रूप में नगर निगम ने सात दिन का अल्टीमेटम दिया था, इसके बाद भी बकाया राशि जमा नहीं कराई गई। अब निगम को यह कड़ा कदम उठाना पड़ा है।
विधायक का चेक हुआ बाउंस
इस मामले में एक और चौकाने वाली बात सामने आई है कि एक विधायक की ओर से दिया गया चेक भी बाउंस हो गया। इससे मामले में विधायक आरटीजी करवाकर भुगतान करने की तैयारी में हैं।
संपत्ति कर से होती है 22 करोड़ की आय
नगर निगम को हर साल करीब 22 करोड़ रुपये की आय संपत्ति कर से होती है, ये शहर के विकास कार्यों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में टैक्स न चुकाने वालों पर सख्ती करना जरूरी हो गया है। निगम प्रशासन का कहना है कि यदि समय पर टैक्स वसूली नहीं होगी, तो विकास कार्य प्रभावित हो सकते हैं।
शहर में 35 हजार संपत्ति करदाता
नगर निगम अपनी रिकवरी दर को बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। शहर में लगभग 35 हजार से अधिक संपत्ति मालिक नियमित रूप से अपना कर जमा करते हैं, कुछ बड़े बकायेदार भुगतान में लापरवाही बरतते हैं। ऐसे मामलों में अब सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
नगर निगम प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जो समय पर टैक्स जमा नहीं करेंगे, उनके खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी। होटल मालिकों सहित सभी बकायेदारों को चेतावनी दी गई है कि वे जल्द से जल्द अपनी देनदारी चुकाएं, अन्यथा उन्हें और कड़े कदमों का सामना करना पड़ सकता है।