'अभ्युदय' से सफलता का उदय: सफाई कर्मी की बेटी बनी अधिकारी; UPPSC में छाईं योजना की 8 बेटियां
The Rise of Success through 'Abhyudaya'
मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना की 8 छात्राओं ने UPPSC में सफलता पाई।
सोनम यादव डिप्टी कलेक्टर बनीं, अन्य भी महत्वपूर्ण पदों पर चयनित।
योजना ने आर्थिक रूप से कमजोर बेटियों को निःशुल्क मार्गदर्शन दिया।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तिकरण अब केवल नारों तक सीमित नहीं है, बल्कि धरातल पर सफलता की नई इबारत लिख रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन और समाज कल्याण विभाग की 'मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना' ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की बेटियों के सपनों को पंख दे दिए हैं। हाल ही में घोषित यूपी लोक सेवा आयोग (UPPSC) के परिणामों में अलीगंज स्थित आदर्श पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्र की 8 महिला अभ्यर्थियों ने शानदार सफलता हासिल कर समाज में एक नई मिसाल पेश की है।
डिप्टी कलेक्टर से नायब तहसीलदार तक
सरकार की सही दिशा और संसाधनों का लाभ उठाकर सोनम यादव ने डिप्टी कलेक्टर के पद पर चयनित होकर गौरव बढ़ाया है। इनके साथ ही कु० सृष्टि, खुशबू रानी, प्रगति वर्मा और मीनू रावत का चयन असिस्टेंट कमिश्नर (कमर्शियल टैक्स) के पद पर हुआ है। वहीं, प्रियंका वर्मा और शालू राना नायब तहसीलदार तथा कीर्ति सागर वर्क ऑफिसर के रूप में सेवा देंगी। यह सफलता साबित करती है कि यदि बेटियों को समान अवसर और बेहतर मार्गदर्शन मिले, तो वे किसी भी बाधा को पार कर सकती हैं।
आर्थिक तंगी के बीच बना मसीहा
समाज कल्याण विभाग के उपनिदेशक आनंद कुमार सिंह के अनुसार, वर्ष 2024 के बैच में शामिल 130 छात्राओं में से इन 8 बेटियों का चयन विभाग की निष्ठा का परिणाम है। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत ग्रामीण और निर्धन पृष्ठभूमि के छात्रों को निःशुल्क कोचिंग, सुरक्षित आवास और भोजन की सुविधा दी जाती है। यहाँ का सकारात्मक माहौल, गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन और नियमित टेस्ट सीरीज ही इन छात्राओं की जीत का मुख्य आधार बनी है।
सफाई कर्मी की बेटी बनी अधिकारी
सफल अभ्यर्थियों की कहानियाँ प्रेरणा से भरी हैं। डिप्टी कलेक्टर बनीं सोनम यादव ने प्राथमिक विद्यालय से शिक्षा शुरू कर आर्थिक तंगी के बावजूद दूसरे प्रयास में यह मुकाम पाया। वहीं, हरदोई की प्रगति वर्मा (असिस्टेंट कमिश्नर) के पिता के निधन के बाद उनकी माँ ने सफाई कर्मी के रूप में काम कर उन्हें पढ़ाया। सोनभद्र के किसान परिवार से आने वाली खुशबू रानी ने भी तमाम विषम परिस्थितियों के बावजूद तीसरे प्रयास में सफलता हासिल की। इन सभी ने अपनी जीत का श्रेय अपनी कड़ी मेहनत और मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना को दिया है।
सपनों को साकार करने वाला सशक्त मंच
उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आईं इन बेटियों की कामयाबी यह पुष्ट करती है कि योगी सरकार की योजनाएं युवाओं के भविष्य को सुरक्षित कर रही हैं। अभ्युदय योजना अब केवल एक कोचिंग संस्थान नहीं, बल्कि प्रदेश की बेटियों के सपनों को हकीकत में बदलने वाला एक सशक्त मंच बन चुकी है, जो 'आत्मनिर्भर भारत' और 'सशक्त उत्तर प्रदेश' की नींव को मजबूत कर रहा है।