हलाला की पीड़ा और न्याय की गुहार: हरिद्वार की महिला का छलका दर्द; उत्तराखंड UCC बना ढाल
The pain of Halala and a plea for justice: A Haridwar woman expresses her pain
देहरादून। The pain of Halala and a plea for justice: हरिद्वार में हलाला का दबाव झेलने वाली महिला का दर्द भी छलककर जुबां पर आ गया।
महिला ने एक वीडियो में अपनी पीड़ा बयां करते हुए कहा कि वह शादी के बाद से ही प्रताड़ना झेल रही थीं। पीड़िता के अनुसार 'अब तक मैं सब सहती रही, मगर दर्द हद से बढ़ गया तो जुबां खोलनी पड़ी।'
हलाला पीड़िता के अनुसार सास उनके पति को भड़काती थीं। हर छोटी बात को बढ़ा चढ़ाकर शिकायत के रूप में सुनाती थीं। उसे पैसों की धौंस दी जाती और निरंतर उत्पीड़न किया जाता।
आरंभ में महिला ने इसे अपनी नियति मानकर सब कुछ सहा। आए दिन उससे मारपीट की जाती और दबाव बनाया जाता। वीडियो में साझा की गई आपबीती के अनुसार पहले महिला ने अपने परिवार तक को इस ज्यादती के बारे में नहीं बताया।
सोचा कि दबाव कम हो जाएगा। लेकिन, जब उत्पीड़न और उसका दर्द बढ़ता रहा तो फिर सहा नहीं गया। यहीं, से पीड़िता की दर्दभरी कहानी न सिर्फ सामने आई, बल्कि उसे यूसीसी की ढाल भी मिली।
उत्तराखंड में हलाला जैसी कुप्रथा को प्रतिबंधित किए जाने के बाद देश में इस पर कानूनी प्रहार की पहल भी हो गई। खुद पीड़िता ने वीडियो में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मदद की गुहार लगाते हुए समुचित न्याय दिलाने की मांग की है।