आस्था का संगम: अब काशी से रामेश्वरम तक की राह होगी आसान
The Journey from Kashi to Rameswaram
लखनऊ। The Journey from Kashi to Rameswaram, उत्तर प्रदेश सरकार कैलास मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं की तरह काशी से रामेश्वरम की यात्रा करने वालों को भी विशेष सुविधाएं मुहैया कराएगी। कैलास मानसरोवर की यात्रा से लौटे 555 श्रद्धालुओं को एक-एक लाख रुपये की सहायता राशि वितरित करने के लिए मंगलवार को लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय सनातन परंपरा में तीर्थ यात्रा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और राष्ट्र को एकता के सूत्र में पिरोने का सशक्त माध्यम रही है। तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश को दो स्थल जोड़ते हैं, एक बाबा विश्वनाथ का धाम और दूसरा रामेश्वरम।
भविष्य में श्रद्धालु काशी से गंगाजल लेकर और बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर रामेश्वरम के लिए यात्रा करें। रेलवे इस प्रकार की व्यवस्था करता है। सरकार रेलवे से बात कर प्रयास करेगी कि किस तरह काशी से रामेश्वरम की यात्रा को सुगम और सुविधाजनक बनाया जाए जिससे ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना मजबूत हो।
मुख्यमंत्री ने 11 मानसरोवर यात्रियों को अपने हाथों से एक-एक लाख रुपये के चेक प्रदान किए। उन्होंने कहा कि कठिनाइयों, चुनौतियों और विषम प्राकृतिक परिस्थितियों के बीच कैलास मानसरोवर यात्रा को पूर्ण करना अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव है। पूर्वकाल में लोग अपने संसाधनों का उपयोग यात्रा व सेवा में करते थे, जिससे उन्हें पुण्य के साथ समाज को समझने की नई दृष्टि मिलती थी।
आदि शंकराचार्य द्वारा चारों दिशाओं में पीठों की स्थापना इस सांस्कृतिक एकता का प्रमाण है, जब अलग-अलग शासन व्यवस्थाओं के बावजूद भारत एक सांस्कृतिक राष्ट्र के रूप में स्थापित था। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने वर्ष 2017-18 में गाजियाबाद में कैलास मानसरोवर भवन का निर्माण कराया गया, जो यात्रा का पहला पड़ाव है और जहां विदेश मंत्रालय की आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होती हैं।
उन्होंने यात्रा से पहले होने वाले स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था गाजियाबाद में ही कराने की यात्रियों की ओर से मांग पर विदेश मंत्रालय से वार्ता करने का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले आठ-नौ वर्षों में अयोध्या सहित सहित कई तीर्थस्थलों पर विकास कार्य कराए गए हैं। वर्ष 2025 में प्रदेश में करीब 164 करोड़ श्रद्धालुओं का आगमन हुआ। महाकुंभ में कई श्रद्धालु लंबी दूरी पैदल तय कर संगम पहुंचे। इस दौरान कुछ लोगों द्वारा भड़काने के प्रयास भी हुए, लेकिन श्रद्धालुओं ने उन्हें नकारते हुए स्पष्ट किया कि उनकी आस्था सर्वोपरि है।
यह दर्शाता है कि सच्ची श्रद्धा के साथ व्यक्ति हर कठिनाई को पार कर अपनी मंजिल तक पहुंच सकता है। कार्यक्रम में वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह सहित कई विधायक, अधिकारी और उप्र कैलास मानसरोवर यात्रा समिति के अध्यक्ष केके सिंह आदि उपस्थित थे।