चंडीगढ़ में साइकिल सवार सिरफिरे का आतंक मचाने वाला शातिर आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
Deranged Cyclist who Terrorized Chandigarh
आरोपी के कब्जे से पुलिस ने कमानीदार चाकू बरामद किया।
पकड़ा गया आरोपी लड़कियों के पीजी में घुसकर चाकू की नोक पर छेड़छाड़ करता था।
दिन में रेकी कर रात को वारदात को अंजाम देता था।
रंजीत शम्मी चंडीगढ़। Deranged Cyclist who Terrorized Chandigarh: यूटी पुलिस को फिर उस वक्त एक बड़ी कामयाबी मिली। जब पुलिस ने शहर में साइकिल सवार सिरफिरे का आतंक मचाने वाला शातिर आरोपी पुलिस को गिरफ्तार कर मामले को सुलझा लिया है।मामला शहर में काफी चर्चित हों गया था। जिसे थाना 39 पुलिस की टीम और अन्य पुलिस इस मामले को लेकर आरोपी की धरपकड़ लिए लगातार छापेमारी कर रही थी।पकड़ा गया आरोपी लड़कियों के पीजी में घुसकर चाकू की नोक पर छेड़छाड़ करता था।पकड़े गए आरोपी की पहचान डडु माजरा निवासी 30 वर्षीय सूरज के रूप में हुई है।पकड़े गए आरोपी को पुलिस ने जिला अदालत में पेश किया। अदालत ने आरोपी को एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। रिमांड के दौरान पुलिस मामले को लेकर कई अहम जानकारियां हासिल कर सकती है। जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता पीड़िता युवती ने पुलिस को बताया कि 14 मई को अल सुबह करीब 4 बजे जब वह सो रही थी।तो उसने देखा कि कोई उसके घर के दरवाज़े तोड़ रहा है। इस बीच, जब वह जाँच करने के लिए उठी, तो लंबे बालों वाला अज्ञात युवक उसके कमरे में घुस आया, उसे पकड़ लिया और उसका मुंह बंद करने के लिए तेज धार वाले चाकू से उस पर हमला कर दिया।पकड़े गए आरोपी के खिलाफ 14 मई को थाना 39 में भारतीय न्याय संहिता बीएनएस के तहत सेक्शन 333, 118(1), और 74 के तहत, मामला दर्ज है।बाद में आर्म्स एक्ट के सेक्शन 25,54, और 59 जोड़े गए।वह रेगुलर पीजी में रहने की जगहों को टारगेट करता था और पानी मांगने या कबाड़ इकट्ठा करने के बहाने वहां घुस जाता था। ऐसी विज़िट के दौरान, वह उन कमरों के नंबर नोट कर लेता था जिनमें महिलाएं रहती थीं।
मकसद।
वह अपनी नानी और मासी के परिवार के साथ रहता है। उसकी नानी और मासी चंडीगढ़ की विभिन्न घरों में घरेलू काम करती हैं।और सूरज सेक्टर 17 शोरूम में सफाई का काम करता था। पूछताछ के दौरान, उसने खुलासा किया कि जब भी वह किसी लड़की को देखता है, तो वह हमेशा उसे गले लगाने यौन उत्पीड़न करने की इच्छा रखता है।
काम करने का तरीका:
उसने खुलासा किया कि जब भी वह नशे की हालत में होता है, तो वह चंडीगढ़ के सेक्टर इलाकों में जाता है। उसे सेक्टर 15,16,17 के बारे में कुछ पता है।क्योंकि उसने पहले वहां काम किया था। जब भी वह किसी युवा लड़की को अकेले जाते हुए देखता है, तो वह उसके गंतव्य तक पीछा करता है और अगर यह पीजी टाइप का आवास है, तो वह पानी या स्क्रैप मांगने के बहाने पीजी में घुस जाता है और लड़की का कमरा नंबर नोट कर लेता है। वह दिन में यह रेकी करता है और रात में फिर से पीजी में जाता है। अगर पीजी का मुख्य द्वार खुला पाया जाता है, तो वह पीजी में और फिर लड़की के कमरे में घुस जाता। वह लड़की को डराने के लिए अपने साथ चाकू भी रखता था। पकड़े गए उक्त आरोपी को थाना 11 पुलिस ने एक मामले में 11 जून 2025 को गिरफ्तार किया था। जिसके खिलाफ थाना 39 में 333, 118(1), 74, थाना 17 में 331(4), 115(2), 351(2), में मामला दर्ज पाया गया है।
पुलिस की अपील:
चंडीगढ़ पुलिस सभी पीजी मालिकों से अपील की है कि वे यूटी एडमिनिस्ट्रेशन के 05 सितंबर 2006 को जारी किए गए निर्देशों का पालन करें। सभी पीजी मालिकों को एक ही जगह पर रहना ज़रूरी है। इसके अलावा, सभी पीजी मालिकों को अपनी जगह को सीसीटीवी कैमरों से कवर करने की कोशिश करनी चाहिए। जिस जगह पर लड़कियां रह रही हैं। वहां सख्त एक्सेस कंट्रोल उपाय किए जाने चाहिए।2024 में रिपोर्ट किए गए एक ऐसे ही मामले में यह भी देखा गया है कि पीड़ित लड़की ने छेड़छाड़ की घटना की रिपोर्ट नहीं की थी। हालांकि, जब किसी दूसरी पीड़ित ने रिपोर्ट की, तो चंडीगढ़ पुलिस ने तुरंत एफआईआर दर्ज की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इसलिए, सभी लड़कियों को सलाह दी जाती है कि वे छेड़छाड़ या छेड़छाड़ की किसी भी घटना की तुरंत इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम-112 पर रिपोर्ट करें। चंडीगढ़ पुलिस रिपोर्ट की गई सभी घटनाओं के बारे में सीक्रेसी बनाए रखती है और पीड़ितों की ज़रूरतों के प्रति सेंसिटिव है।