दरोगा को धमकाने पर सीओ ने किसान नेता को लताड़ा, सेंट्रल मार्केट प्रकरण में कलक्ट्रेट पर चल रहा था धरना
CO arrived in Singham style and Reprimanded the Farmer Leader
यूपी के मेरठ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो सीओ किसान नेता को हड़काते नजर आ रहे हैं। दरअसल सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों के मुद्दे पर कलक्ट्रेट में किसान और व्यापारी धरना रहे थे। इसी दौरान सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी पहुंच गए, जिनकी किसानों और व्यापारियों से जबरदस्त बहस हो गई। सीओ का उस वक्त धैर्य जवाब दे गया, जब किसान नेता ने नौचंदी थाने के एसएसआई से अभद्रता कर दी।
सिंघम स्टाइल में पहुंचे सीओ ने किसान नेता की जमकर क्लास लगाई। यह वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। हालांकि लाइव हिन्दुस्तान इसकी पुष्टि नहीं करता। किसान मजदूर संगठन और व्यापारी शनिवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करने पहुंचे थे। किसान और व्यापारी नौचंदी थाना पुलिस की कार्यशैली को लेकर आक्रोशित थे। शुक्रवार रात में करीब 1:30 बजे नौचंदी थाना पुलिस ने आवास विकास परिषद कार्यालय पर धरना देकर बैठी महिलाओं, व्यापारियों को जबरन हटा दिया था। कई लोगों को थाना ले गई।
कलेक्ट्रेट पर धरना दे रहे थे व्यापारी और किसान
इसे लेकर कलक्ट्रेट में धरने पर व्यापारियों, किसानों ने आक्रोश जताया। किसान संगठन और व्यापारियों ने मेरठ कलेक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन के दौरान नौचंदी थाने के एसएसआई को लेकर आक्रोश जताया। इस पर वहां मौजूद सीओ सिविल लाइन का पारा चढ़ गया और किसान नेता की क्लास लगा दी। कहा कि सभी का सम्मान है। किसी के सम्मान में कोई कमी नहीं है, लेकिन मेरा खड़ा एक सिपाही भी अगर अपमानित होगा तो ठीक नहीं होगा। सम्मान के साथ बात करनी है तो ठीक है, अन्यथा पांच मिनट का समय है आपके पास। यह कहकर सीओ वहां से पीछे हट गए।
मांगें नहीं मानीं तो 21 से अनशन करेंगे व्यापारी
वहीं दूसरी ओर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष लोकेश अग्रवाल के नेतृत्व में व्यापारियों ने शुक्रवार को विद्युत विभाग की लंबित समस्याओं को लेकर मुख्य अभियंता जोन प्रथम व जोन द्वितीय के कार्यालय का घेराव किया। लोकेश अग्रवाल ने कहा कि गत 11 फरवरी व 13 फरवरी को दोनों कार्यालयों को विद्युत विभाग से जुड़ी व्यापारी समस्याओं से संबंधित ज्ञापन दिया गया था। जिस पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। लोकेश अग्रवाल ने एक-एक समस्या पर विस्तार से चर्चा कर उसके समाधान की जानकारी मांगी। करीब 2 घंटे तक चली बैठक के बाद विभाग ने समस्याओं के पूर्ण समाधान के लिए एक सप्ताह का समय मांगा। जिस पर व्यापारियों ने सहमति देते हुए चेतावनी दी कि यदि 20 मार्च तक पूर्ण समाधान नहीं हुआ तो व्यापारी 21 मार्च से अनशन पर बैठेंगे।