लखनऊ में अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन, जुटेंगे देश भर की विधानसभाओं के अध्यक्ष, होंगे कई फैसले!
86th Presiding Officers Conference Lucknow
लखनऊ: 86th Presiding Officers Conference Lucknow: लखनऊ में 86वां अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन और भारत की विधानसभाओं/विधान परिषदों के सचिवों का 62वां सम्मेलन 19 से 23 जनवरी तक आयोजित किया जा रहा है. इस आयोजन की मेजबानी उत्तर प्रदेश विधानमंडल कर रहा है. सम्मेलन के अंतर्गत देशभर से आए पीठासीन अधिकारी, सचिव और गणयमान्य प्रतिनिधि विधायी प्रक्रियाओं, संसदीय परंपराओं, सदन संचालन, सुशासन और समसामयिक विधायी विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श करेंगे.
कौन-कौन भाग लेगा: विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने बताया कि इस राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यपाल, आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपसभापति राज्यसभा हरिवंश नारायण सिंह, सभापति विधान परिषद कुंवर मानवेंद्र सिंह और उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना सहित देश के विभिन्न राज्यों और विधानमंडलों के पीठासीन अधिकारी, सभापति, अध्यक्ष और सचिव शामिल होंगे. इस सम्मेलन का विधिवत उद्घाटन विधान भवन लखनऊ में होगा. उद्घाटन सत्र में प्रदर्शनी का उद्घाटन, समूह चित्र और विभिन्न समितियों की बैठकें आयोजित की जाएंगी. 20 जनवरी को सत्र के दौरान एजेंडा बिंदुओं पर गहन चर्चा की जाएगी. इसके साथ ही उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर आधारित कार्यक्रमों का आयोजन भी प्रस्तावित है. 21 जनवरी को समापन सत्र में विभिन्न संवैधानिक पदाधिकारियों के प्रेरक संबोधन होंगे. सम्मेलन के बाद 22 जनवरी को प्रतिभागियों के लिए अयोध्या धाम भ्रमण का कार्यक्रम निर्धारित है, जबकि 23 जनवरी को प्रतिनिधियों का प्रस्थान होगा.
विधानभवन सुंदर लाइटों से जगमगाया: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना के साथ विधान भवन के भव्य गुंबद पर उत्तर प्रदेश की गौरवगाथा को दर्शाने वाले अत्याधुनिक ‘प्रोजेक्शन मैपिंग’ तकनीक के माध्यम से ध्वनि एवं प्रकाश कार्यक्रम का शुभारंभ किया. इस आयोजन के माध्यम से देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले पीठासीन अधिकारियों और विधानमंडलीय अधिकारियों को उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा, सांस्कृतिक वैभव, ऐतिहासिक धरोहर और लोकतांत्रिक मूल्यों से परिचित कराने का प्रयास किया जाएगा. यह कार्यक्रम न सिर्फ उत्तर प्रदेश की उपलब्धियों को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करेगा, बल्कि विधायी संस्थाओं के बीच संवाद, सहयोग और नवाचार को भी नई दिशा प्रदान करेगा.
भारतीय जनता पार्टी को 20 जनवरी को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल जाएगा. पार्टी ने इसके लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. नोटिफिकेशन के अनुसार 19 जनवरी को नामांकन भरा जाएगा और 20 जनवरी को नए पार्टी अध्यक्ष के नाम की घोषणा होगी. इस चुनाव प्रक्रिया में उत्तर प्रदेश के राष्ट्रीय परिषद के कई सदस्य अहम भूमिका निभाएंगे. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में वोट डालने का अधिकार राष्ट्रीय परिषद और प्रदेश परिषदों के निर्वाचित सदस्यों को होता है. इन्हीं सदस्यों से मिलकर इलेक्टोरल कॉलेज बनता है. यही इलेक्टोरल कॉलेज बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव करता है. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव में यूपी से 20 प्रस्तावक होंगे. 10 प्रदेश परिषद के सदस्य और 10 राष्ट्रीय परिषद के सदस्य शामिल हैं.
कौन हैं यूपी से कार्यकारिणी के सदस्य
- योगी आदित्यनाथ: मुख्यमंत्री
- केशव प्रसाद मौर्य, डिप्टी सीएम
- बृजेश पाठक, डिप्टी सीएम यूपी
- भूपेन्द्र चौधरी, पूर्व यूपी बीजेपी अध्यक्ष
- डॉ महेश शर्मा, सांसद, नोएडा
- स्वतंत्र देव सिंह, कैबिनेट मंत्री यूपी
- स्मृति ईरानी, पूर्व सांसद, अमेठी
- कमलेश पासवान, सांसद, बांसगांव
- राजेश चौधरी, विधायक, मांठ