रावी नदी पर अस्थायी पुल न बनने से बॉर्डर के गांवों में परेशानी, लोगों को 40–50 किमी का चक्कर
Temporary Bridge Over Ravi River Still Closed,
Punjab सरकार भले ही राज्य में नए पुल और सड़कों के निर्माण के बड़े दावे कर रही हो, लेकिन पाकिस्तान सीमा से सटे Bhoa Assembly constituency के मंड क्षेत्र के कई गांव इन दिनों गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं। Ravi River पर अस्थायी पलटून पुल न बनने के कारण इलाके में यातायात ठप पड़ा है, जिससे सरकारी दावों पर भी सवाल उठ रहे हैं।
मक्खनपुर, ताश, मजिही, बमियाल, अखवाड़ा, बाड़वां, शन्नी और कोहलियां सहित कई गांवों के लोगों को अब गुरदासपुर और दीनानगर जाने के लिए 40–50 किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार पहले ताश पत्तन पर नाव के जरिए नदी पार की जाती थी, जिससे लोग गुरदासपुर और दीनानगर पहुंचते थे। बाद में पूर्व सांसद Vinod Khanna के प्रयासों से यहां अस्थायी पलटून पुल बनाया गया था। यह पुल हर साल सितंबर में लगाया जाता था और बारिश के मौसम से पहले जून में हटा दिया जाता था, ताकि बाढ़ में नुकसान से बचाया जा सके।
हालांकि पिछले साल आई भीषण बाढ़ में पुल के फ्रेम का कुछ हिस्सा नदी में बह गया था। इसके बाद से पुल अधूरा पड़ा है और एक साल बीतने के बावजूद इसकी मरम्मत नहीं हो पाई है। बताया जा रहा है कि पुल पर बिछाने के लिए तख्ते उपलब्ध न होने के कारण इसे फिर से शुरू नहीं किया जा सका।
पुल बंद होने से स्थानीय लोगों को अब नाव के सहारे नदी पार करनी पड़ रही है, जो न केवल जोखिम भरा है बल्कि इसमें ज्यादा समय और पैसा भी लगता है। स्कूल जाने वाले बच्चों, मरीजों और मजदूर वर्ग को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है।
स्थानीय निवासियों जगतार सिंह, सोनू महाजन, रजत कुमार, सेठ कुमार, बलजीत सिंह और निर्मल सिंह समेत अन्य लोगों ने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द पलटून पुल की मरम्मत कर इसे दोबारा चालू किया जाए, ताकि आधा दर्जन गांवों के लोगों को रोजाना की परेशानी से राहत मिल सके।