हरियाणा में विकास कार्यों पर तकनीकी ब्रेक, इंजीनियरिंग पोर्टल बंद होने से 2000 तक परियोजनाएं प्रभावित

हरियाणा में विकास कार्यों पर तकनीकी ब्रेक, इंजीनियरिंग पोर्टल बंद होने से 2000 तक परियोजनाएं प्रभावित

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Technical glitch halts development works in Haryana

पानीपत। Technical glitch halts development works in Haryana, प्रदेश में विकास कार्यों की रफ्तार इन दिनों किसी वित्तीय या प्रशासनिक निर्णय से नहीं, बल्कि एक तकनीकी बाधा से थमी हुई है। हरियाणा इंजीनियरिंग वर्क्स पोर्टल सात दिन से बंद होने से लोक निर्माण विभाग, पंचायती राज, शहरी स्थानीय निकाय, जनस्वास्थ्य, सिंचाई व अन्य इंजीनियरिंग विभागों की ऑनलाइन कार्यप्रणाली प्रभावित हो गई है।

नए टेंडर जारी नहीं हो रहे, वर्क आर्डर लंबित हैं, तकनीकी व प्रशासनिक स्वीकृतियां नहीं मिल पा रहीं तथा नए एस्टीमेट भी तैयार नहीं हो रहे। प्रदेशभर में 1500 से 2000 विकास कार्य प्रभावित होने और 800 से 1200 करोड़ तक की परियोजनाओं पर असर पड़ने का अनुमान है। पोर्टल पर तकनीकी अपडेटेशन, डेटाबेस मेंटेनेंस और सुरक्षा संबंधी सुधार का कार्य किया जा रहा है।

एनआइसी और तकनीकी टीम समस्या दूर करने में जुटी है। जिलों में अधिकारियों को अगले 24 से 72 घंटे के भीतर पोर्टल शुरू होने की जानकारी दी गई है। जब तक पोर्टल चालू नहीं होता, तब तक टेंडर, एस्टीमेट और वर्क ऑर्डर की लंबित प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकेगी।

पोर्टल ठप तो विकास कार्यों की पूरी श्रृंखला थमी

सरकार ने इंजीनियरिंग विभागों की पूरी टेंडर प्रक्रिया को एचइडब्ल्यूपी पोर्टल से जोड़ रखा है। विकास कार्य का एस्टीमेट तैयार करने से लेकर प्रशासनिक और तकनीकी स्वीकृति, टेंडर जारी करने, वर्क ऑर्डर देने और कई मामलों में भुगतान तक की प्रक्रिया इसी पोर्टल पर निर्भर है।
ऐसे में पोर्टल बंद होने से लगभग 600 से अधिक टेंडर लंबित हो गए हैं, जबकि 800 से 1000 नए एस्टीमेट अपलोड नहीं हो सके हैं।

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि मैनुअल प्रक्रिया की अनुमति नहीं होने से पोर्टल चालू होने तक नई फाइलों पर कार्रवाई संभव नहीं है। फतेहाबाद नप के एमई सुमित चोपड़ा के अनुसार जो टेंडर समय पर खुलने चाहिए थे वो नहीं खुल पा रहे हैं।

ये काम हैं प्रभावित

  • करनाल में करीब 30 करोड़ के 100 से अधिक टेंडर लंबित हैं।
  • रोहतक में 29 सड़कों की टेंडर प्रक्रिया तथा पंचायत विभाग के 96 एस्टीमेट और टेंडर लंबित हैं।
  • सिरसा में नप के 50 टेंडर पोर्टल पर अपलोड नहीं हो सके हैं।
  • कैथल में करीब 35 करोड़ रुपये के विकास कार्य प्रभावित हैं।
  • फतेहाबाद में लगभग 45 करोड़ रुपये के विकास कार्य प्रभावित हैं।
  • भिवानी में करीब 30 करोड़ के विकास कार्य व 10 टेंडर प्रभावित।
  • चरखी दादरी में करीब 45 करोड़ के विकास कार्य प्रभावित हैं।
  • यमुनानगर में 55 से अधिक विकास कार्य प्रभावित हैं।
  • पानीपत में करीब 23 करोड़ के विकास कार्य प्रभावित हुए हैं।
  • कुरुक्षेत्र में करीब 16 करोड़ के विकास कार्य प्रभावित हैं।
  • अंबाला में नगर निगम के 1.60 करोड़ के आठ कार्य व जनस्वास्थ्य विभाग का 62 लाख का टेंडर लंबित है।
  • झज्जर में करीब 40 करोड़ रुपये के विकास कार्य तथा कई टेंडर और एस्टीमेट प्रभावित हुए हैं।
  • जींद में कई विभागों के टेंडर तथा और विकास कार्य प्रभावित हैं।
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