प्रयागराज में सिफलिस का फिर लौटना, युवतियों में बढ़ रहा खतरा

प्रयागराज में सिफलिस का फिर लौटना, युवतियों में बढ़ रहा खतरा

Syphilis returns to Prayagraj

Syphilis returns to Prayagraj, increasing risk among

प्रयागराज। सिफलिस ऐसा संक्रमण है जो असुरक्षित यौन संबंधों से महिलाओं में होता है। यह उतना ही खतरनाक है जितना एचआइवी। लगभग खत्म हो चुकी यह बीमारी वर्षों बाद एक बार फिर लौट पड़ी है। प्रत्येक महीने औसत 25 गर्भवती महिलाओं और युवतियों में सिफलिस का पता लगाने के लिए होने वाली वीडीआरएल (वेनेरियल डिजीज रिसर्च लेबोरेटरी) टेस्ट रिपोर्ट धनात्मक पाई जा रही है।

अधिकांश अविवाहित युवतियां आ रहीं चपेट में

इनमें 50 प्रतिशत केस केवल स्वरूपरानी नेहरू (एसआरएन) चिकित्सालय में ही मिल रहे हैं। ज्यादातर अविवाहित युवतियां इसकी चपेट में आ रही हैं। डाॅक्टरों का मानना है कि इंटरनेट मीडिया पर बेतहाशा प्रसारित अश्लील वीडियो का विपरीत असर नई पीढ़ी पर पड़ रहा है।

एसआरएन अस्पताल में आए केस 

24 फरवरी को स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में सहेली के साथ आई 19 वर्षीय युवती ने स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की डाक्टर से अपनी जांच कराई। बताया कि वह प्रतियोगी छात्रा है और बिहार से आकर यहां पढ़ाई कर रही है। फेसबुक पर एक युवक से दोस्ती हुई फिर यौन संबंध बन गए। डाॅक्टर ने रूटीन जांच कराई तो वीडीआरएल रिपोर्ट धनात्मक पाई गई। 20 फरवरी को आई 28 वर्षीय गर्भवती महिला की वीडीआरएल रिपोर्ट धनात्मक मिली थी। इन्हें डाॅक्टर के संपर्क में रहने और इलाज का पूरा कोर्स करने का परामर्श दिया गया है।

एक सप्ताह में दो केस 

एक सप्ताह में आए यह दो केस उदाहरण हैं कि सिफलिस किस तेजी से अपने पैर पसार रहा है और युवतियां किसी के झांसे में आकर खतरनाक रोग की शिकार हो रही हैं।  

त्वचा पर आता है पहला प्रभाव

सिफलिस का पहला प्रभाव त्वचा पर आता है। रोग की प्राथमिक पहचान के यही लक्षण हैं। चेहरे पर दाने निकलने लगते हैं। लाल चकत्ते पड़ जाते हैं। यदि त्वरित जांच कराने की बजाए ज्यादा समय तक अनदेखी होती रही तो शरीर के भीतरी अंगों पर इसका दुष्प्रभाव पड़ने लगता है। जननांगों में दर्द रहित घाव, ग्रंथियों में सूजन हो जाती है।  

यौन संबंध को मामूली समझना नासमझी

तमाम महिलाओं के पति दूसरे जिलों में रहकर कामकाज करते हैं। इनमें कई ऐसे भी हैं जिनके उन्हीं जिलों में रहते दूसरी महिलाओं से यौन संबंध हो जाते हैं। घर लौटने पर पत्नी के संपर्क में आते हैं तो सिफलिस की आशंका बढ़ जाती है।  

क्या कहती हैं विशेषज्ञ चिकित्सक?

मोतीलाल नेहरू मेडिकल कालेज की विभागाध्यक्ष स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. अमृता चौरसिया बताती हैं कि  सिफलिस का फिर लौटना चिंताजनक है। लगभग 15 वर्षों से इस संक्रमण को खत्म माना जा रहा था क्योंकि गर्भवती महिलाओं की वीडीआरएल रिपोर्ट निगेटिव आ रही थी। बीते एक साल से तमाम महिलाओं और अविवाहित युवतियों की रिपोर्ट धनात्मक मिल रही है। हालांकि एंटीबायोटिक दवाएं दिए जाने से संक्रमण धीरे-धीरे कम भी होता है। इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित तमाम अश्लील वीडियो के चलते युवतियां प्रेरित हो रही हैं और असुरक्षित यौन संबंध बनाती हैं। सिफलिस का यही एक बड़ा कारण है।