9 साल पुराने मानहानि केस में सुखबीर बादल ने किया सरेंडर, चंडीगढ़ जिला अदालत से मिली जमानत
- By Gaurav --
- Sunday, 18 Jan, 2026
Sukhbir Badal surrenders in 9-year-old defamation case, granted bail by
करीब 9 साल पुराने मानहानि मामले में शनिवार को सुखबीर सिंह बादल, पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष, चंडीगढ़ जिला अदालत में पेश हुए।
पिछले महीने अदालत द्वारा उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए गए थे और उनकी जमानत भी रद्द कर दी गई थी।
शनिवार को सुखबीर बादल ने अदालत में सरेंडर किया और जमानत की अर्जी दाखिल की, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया।
जमानत क्यों हुई थी रद्द
बादल की ओर से पेश हुए उनके वकील राजेश कुमार ने अदालत को बताया कि:
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मानहानि केस को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी
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यह याचिका 17 अक्टूबर 2025 को खारिज हो गई
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इस आदेश की जानकारी सुखबीर बादल को समय पर नहीं मिल सकी
उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट और जिला अदालत के मामलों की जानकारी आमतौर पर उनके निजी सहायक चरणजीत सिंह बराड़ रखते थे, लेकिन वह नौकरी छोड़ चुके थे। इसी कारण बादल को अदालत की तारीखों की जानकारी नहीं मिल पाई और वे पेश नहीं हो सके।
वकील ने दलील दी कि:
सुखबीर बादल जानबूझकर अदालत से गैरहाजिर नहीं हुए थे, इसलिए उन्होंने स्वयं सरेंडर कर जमानत दिए जाने की मांग की है।
अदालत ने दलीलों से सहमत होते हुए जमानत अर्जी स्वीकार कर ली।
यह है पूरा मामला
यह मामला वर्ष 2017 का है।
4 जनवरी 2017 को अरविंद केजरीवाल, दिल्ली के तत्कालीन मुख्यमंत्री, धार्मिक संगठन अखंड कीर्तनी जत्था के प्रवक्ता राजिंदर पाल सिंह के घर पहुंचे थे।
इस मुलाकात के बाद सुखबीर बादल ने मीडिया को बयान देते हुए जत्थे को लेकर विवादित टिप्पणी की थी, जिसमें उन्होंने संगठन को आतंकवादी संगठन का राजनीतिक चेहरा बताया था।
इसके बाद राजिंदर पाल सिंह ने चंडीगढ़ जिला अदालत में सुखबीर बादल के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराया।
शिकायतकर्ता का आरोप
राजिंदर पाल सिंह का कहना है कि:
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सुखबीर बादल के बयान से
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उनके संगठन की छवि को गंभीर नुकसान पहुंचा
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और समाज में संगठन को बदनाम किया गया
इसी आधार पर यह मानहानि केस दायर किया गया था, जो पिछले नौ वर्षों से लंबित है।