यूपी के स्पोर्ट्स कॉलेजों में मेधावी खिलाड़ियों की फीस होगी माफ: खेल मंत्री का बड़ा ऐलान

यूपी के स्पोर्ट्स कॉलेजों में मेधावी खिलाड़ियों की फीस होगी माफ: खेल मंत्री का बड़ा ऐलान

Sports Minister announces fee waiver for meritorious

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लखनऊ: प्रदेश के स्पोर्ट्स कालेजों में पढ़ने वाले ऐसे खिलाड़ी जो अंतरराष्ट्रीय या राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतेंगे, उन्हें फीस में छूट दी जाएगी। इसके लिए जल्द नियम बनाकर व्यवस्था लागू की जाएगी। यह निर्णय बुधवार को गुरु गोबिंद सिंह स्पोर्ट्स कालेज, लखनऊ में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री गिरीश चंद यादव की अध्यक्षता में हुई उत्तर प्रदेश स्पोर्ट्स कालेज सोसाइटी की बैठक में लिया गया।

बैठक में प्रदेश के लखनऊ, गोरखपुर और सैफई स्थित स्पोर्ट्स कालेजों की शैक्षिक और खेल उपलब्धियों की समीक्षा की गई। स्पोर्ट्स कालेज लखनऊ के प्रधानाचार्य डा. अतुल सिन्हा ने प्रस्ताव रखा कि अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले छात्रों को प्रोत्साहन स्वरूप फीस में छूट दी जाए।

इस प्रस्ताव पर सहमति जताते हुए तय किया गया कि मान्यता प्राप्त खेल संघों या एसजीएफआइ की ओर से आयोजित प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को नियम बनाकर शुल्क माफी दी जाएगी।

बैठक में निर्माणाधीन स्पोर्ट्स कालेजों फतेहपुर, सहारनपुर और बलिया की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने इन कालेजों के प्रधानाचार्यों से पूछा कि वहां उपलब्ध खेल सुविधाओं के आधार पर किन खेलों का संचालन शुरू किया जा सकता है। फतेहपुर स्पोर्ट्स कालेज के प्रधानाचार्य ने बताया कि वहां एथलेटिक्स ट्रैक और हाकी टर्फ मैदान तैयार है व बहुउद्देश्यीय हाल का प्रस्ताव भेजा जा चुका है।

छात्रों के लिए 250 बेड का हास्टल भी बनकर तैयार है। ऐसे में एथलेटिक्स और हाकी में खिलाड़ियों का प्रवेश शुरू किया जा सकता है। सहारनपुर स्पोर्ट्स कालेज के प्रधानाचार्य ने जानकारी दी कि वहां एथलेटिक्स ट्रैक, हाकी टर्फ और बहुउद्देश्यीय हाल तैयार हैं। साथ ही 250 बेड का छात्रावास भी बन चुका है। यहां हाकी, एथलेटिक्स के साथ जिम्नास्टिक्स, जूडो जैसे इंडोर खेल भी संचालित किए जा सकते हैं।

खेल सचिव सुहास एल वाई ने सभी प्रधानाचार्यों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने कालेजों में उपलब्ध खेल अवसंरचना का अध्ययन कर यह प्रस्ताव भेजें कि वहां किन-किन खेलों का संचालन शुरू किया जा सकता है और इसके लिए क्या आवश्यकताएं होंगी। बैठक में यह भी बताया गया कि प्रदेश सरकार स्पोर्ट्स कालेजों को भारतीय खेल प्राधिकरण साई (साई) की राष्ट्रीय उत्कृष्ट केंद्र (एनसीओई) योजना की तर्ज पर खेल उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना बना रही है।

इसका उद्देश्य प्रदेश के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकें। इसके साथ ही बालिकाओं में खेलों के बढ़ते रुझान को देखते हुए प्रदेश में एक अलग स्पोर्ट्स कालेज स्थापित करने का प्रस्ताव भी बैठक में रखा गया।

खेल मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप खेलों को बढ़ावा देने के लिए सभी अधिकारी और कर्मचारी पूरी ईमानदारी से काम करें और बैठक में लिए गए फैसलों को तेजी से जमीन पर उतारा जाए। खेल विशेष सचिव कुमार विनीत, संयुक्त सचिव हृदय नारायण सिंह यादव, सहायक निदेशक खेल एमपी सिंह और अंतरराष्ट्रीय हाकी खिलाड़ी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।