बंगाल चुनाव के बाद यूपी मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं तेज, मेरठ के नेताओं पर नजर

बंगाल चुनाव के बाद यूपी मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं तेज, मेरठ के नेताओं पर नजर

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Speculation over UP Cabinet Expansion Intensifies Post

मेरठ। चुनाव बंगाल में था लेकिन जल्द से जल्द संपन्न होने की प्रतीक्षा उप्र में हो रही थी। कारण यह था कि बंगाल चुनाव के बाद ही प्रदेश सरकार के मंत्रिपरिषद विस्तार होना। वहां कमल खिल गया है इसलिए अब यहां उम्मीदों की चमक दावेदारों के चेहरे पर खिल गई है।

अलग-अलग समीकरणों को हल करते हुए राज्यमंत्रियों की प्रोन्नति और नए चेहरों को शामिल करने को लेकर राजनीतिक गलियारे में चर्चाएं तेज हो गई हैं। राज्यमंत्रियाें में शामिल डा. सोमेंद्र तोमर या दिनेश खटीक की प्रोन्नति हो सकती है।

जातिगत भागीदारी और हिस्सेदारी के फार्मूले को सुलझाते हुए जैसे-जैसे भाजपा ने गुर्जर समाज के कार्यकर्ताओं को महत्वपूर्ण पदों पर बैठाना शुरू किया वैसे ही इस समाज ने भी भगवा के प्रति लगाव बढ़ाया। इसी समीकरण का परिणाम रहा कि गुर्जर समाज के डा. सोमेंद्र तोमर ऊर्जा राज्यमंत्री बनाए गए।

मंत्रिपरिषद विस्तार और प्रदेश कार्यकारिणी के गठन में इस समाज की महत्वपूर्ण भागीदारी रखने की सुगबुगाहट हो रही है। जातिगत जटिलता व उलझे समीकरणों के साथ मेरठ को पश्चिम उप्र की राजनीतिक राजधानी कहा जाता है। यही जटिलता उसकी भागीदारी के लिए उपयोगी होते रहे हैं।


गुर्जर समाज की भागीदारी बढ़ाने पर चर्चा

एक ही जिले में दो राज्यमंत्री बनाए गए थे। इस बार गुर्जर समाज की भागीदारी बढ़ाने पर चर्चा हो रही है। हाल ही में सपा ने भी गुर्जर समाज में अपनी पकड़ बनाने के लिए कई सम्मेलन किए। प्रतिमा राजनीति व सम्राट मिहिर भोज संबंधित विवाद के बहाने सपा ने गुर्जर समाज को भाजपा से दूर करने की भी रणनीति बनाई थी।

इन परिस्थितियों में डा. सोमेंद्र तोमर को प्रोन्नति देकर कैबिनेट मंत्री बनाने की संभावना अधिक है। हाल ही में लखनऊ से लेकर दिल्ली तक में उनकी उपस्थिति व शीर्ष नेताओं से भेंट कई संकेत दे रहे हैं। दिनेश खटीक बंगाल चुनाव में जिला प्रवासी की भूमिका निभाकर लौटे हैं।

अनुसूचित वर्ग के दिनेश को विभिन्न अवसरों पर मुख्यमंत्री याेगी आदित्यनाथ से लेकर केंद्र के शीर्ष मंत्री भी प्राथमिकता देकर उनके महत्वपूर्ण प्रतिनिधित्व का संकेत देते रहे हैं।अनुसूचित वर्ग के लिए आरक्षित यह सीट लोकसभा क्षेत्र के हिसाब से बिजनौर का हिस्सा है।

पड़ोस में ही नगीना लोकसभा सीट है, जिसके सांसद आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर हैं। भाजपा इन सीटों पर अनुसूचित वर्ग में पसंद बने रहने के लिए प्रोन्नति देकर कैबिनेट भेज सकती है। हालांकि यदि इन दोनों मंत्रियों की प्रोन्नति पर विचार होता है तो किसी एक को ही कैबिनेट में अवसर मिल पाएगा।