यूपी में आरटीई के तहत दाखिले की धीमी रफ्तार, बढ़ी चिंता

यूपी में आरटीई के तहत दाखिले की धीमी रफ्तार, बढ़ी चिंता

Slow Pace of Admissions Under RTE

Slow Pace of Admissions Under RTE

लखनऊ। Slow Pace of Admissions Under RTE, निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम (आरटीई एक्ट) के तहत निजी विद्यालयों में नर्सरी और कक्षा एक में अलाभित व दुर्बल वर्ग के बच्चों के प्रवेश की प्रक्रिया कई जिलों में अभी भी धीमी चल रही है।

इस शैक्षिक सत्र में कुल 4,44,771 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 1,97,750 सीटें आवंटित की गईं। इसके बावजूद अब तक सिर्फ करीब 82 हजार बच्चों का ही प्रवेश हो सका है। प्रवेश की अंतिम तिथि 15 अप्रैल तय की गई है, लेकिन मौजूदा स्थिति को देखते हुए सभी आवंटित बच्चों का प्रवेश होना चुनौतीपूर्ण नजर आ रहा है।

प्रदेश के कई जिलों में स्थिति चिंताजनक है। बहराइच, औरैया, बलरामपुर, बस्ती, चित्रकूट, इटावा, फर्रुखाबाद, फतेहपुर, गोंडा, हमीरपुर, हाथरस, शाहजहांपुर, संत कबीरनगर, प्रयागराज, मुजफ्फरनगर, मथुरा, महोबा और कानपुर देहात जैसे जिलों में 500 से भी कम बच्चों का प्रवेश हो पाया है। वहीं कुछ जिलों में दाखिले की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है।

लखनऊ में सबसे अधिक 7952 प्रवेश हुए हैं। इसके बाद बुलंदशहर में 3534, बदायूं में 2733 प्रवेश हुए हैं। कम दाखिले को देखते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) को सख्त निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत आवंटित बच्चों का हर हाल में स्कूलों में प्रवेश सुनिश्चित करने को कहा गया है। निजी विद्यालयों के साथ समन्वय बढ़ाकर प्रवेश प्रक्रिया तेज करने को कहा गया है।