'सिंघम' की बंगाल में एंट्री: आईपीएस अजय पाल शर्मा का वायरल वीडियो और टीएमसी के साथ बढ़ती रार
Singham' enters Bengal: Viral video of IPS Ajay Pal Sharma
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के नाम से मशहूर आईपीएस अधिकार अजय पाल शर्मा इस वक्त पश्चिम बंगाल में पुलिस ऑब्जर्वर के तौर पर तैनात हैं। दूसरे चरण के चुनाव से पहले इलेक्शन कमीशन ने उन्हें दक्षिण 24 परगना में भेजा है।
इस दौरान अजय पाल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें अजय पाल तृणमूल कांग्रेस के कैंडिडेट जहांगीर खान और दूसरे उपद्रवियों को चेतावनी देते हुए दिख रहे हैं। वीडियो में वह बोल रहे हैं कि अगर किसी ने चुनाव प्रोसेस में रुकावट डालने की कोशिश की, तो सख्त एक्शन लिया जाएगा।
यूपी कैडर के अधिकारी हैं अजय पाल
अजय पाल शर्मा उत्तर प्रदेश कैडर के 2011 बैच के अधिकारी हैं। वह अभी प्रयागराज में असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस के तौर पर पोस्टेड हैं। अजय पाल शर्मा का जन्म पंजाब के लुधियाना में हुआ था। वह यूपी के सबसे तेज-तर्रार पुलिस अधिकारियों में गिने जाते हैं। शामली, नोएडा, जौनपुर और रामपुर में पोस्टिंग के दौरान उन्होंने कई बड़े ऑपरेशन्स को अंजाम दिया।
उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के सत्ता में आने के बाद उन्होंने दर्जनों एनकाउंटर किए और इसी के साथ उन्हें एनकाउंटर स्पेशलिस्ट और सिंघम वाली पहचान मिल गई। आईपीएस बनने से पहले अजय पाल शर्मा खुद एक डेंटिस्ट थे। उनके छोटे भाई भाई भी डॉक्टर थे।
2018 से चर्चा में आए
परिवार के कहने पर दोनों भाइयों ने 2008 में यूपीएससी की तैयारी शुरू की और दोनों का चयन हो गया। उनके भाई आईएएस अधिकारी बन गए और अजय पाल शर्मा ने पुलिस सेवा चुनी। 2018 में रामपुर में पोस्टिंग के दौरान उन्होंने बच्ची से रेप करे वाले आरोपी को एनकाउंटर के बाद पकड़ लिया था।
उसी साल सीएम योगी ने उन्हें सम्मानित किया था। इसके बाद उन्हें प्रमोशन देकर एसएसपी बनाया गया। फिर उनका तबादला नोएडा हो गया। नोएडा में उन्होंने पुलिसकर्मियों द्वारा रिश्वत लेने के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि उन्होंने एनकाउंटर में अब तक 9 लोगों को मारा है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यह महज इत्तेफाक था।
फेक एनकाउंटर और भ्रष्टाचार के आरोप
अजय पाल शर्मा का करियर बेदाग नहीं रहा है। उन पर फेक एनकाउंटर और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप भी लगे हैं। 2019 में शब्बीर और 2020 में अकबर नाम के कथित अपराधी के एनकाउंटर को विपक्ष ने फर्जी बताते हुए अजय पाल शर्मा को घेरा था।
वहीं टीएमसी ने दावा किया है कि 2020 में रामपुर में अजय पाल शर्मा और उनके 5 साथियों को कैश-फॉर-पोस्टिंग रैकेट में शामिल पाया गया और फिर उन्हे पद से हटा दिया गया था। एक महिला ने शर्मा पर शादी करने और अपने कई अफेयर छिपाने का आरोप भी लगाया था। मेरठ में भी उनके खिलाफ 'भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम' के तहत मामला दर्ज हुआ था।
वीडियो में टीएमसी उम्मीदवार को दी चेतावनी
वायरल वीडियो में अजय पाल शर्मा ने टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान को चेतावनी देते हुए कहा, 'जहांगीर के घर वाले भी खड़े हैं, उसको बता देना कायदे से, यह बार-बार जो खबर आ रही है कि जहांगीर के लोग धमाका कर रहे हैं, तो फिर अच्छे से खबर लेंगे। फिर बाद में रोना और पछताना मत।'
वीडियो सामने आने के बाद से टीएमसी हमलावर है। टीएमसी ने कहा है कि बंगाल कोई उत्तर प्रदेश नहीं है। पार्टी ने कहा कि अजय पाल शर्मा ने कोई गैर-कानूनी काम या संविधान के खिलाफ काम किया तो वह उन्हें कोर्ट में घसीटेगी और उनके खिलाफ सख्त एक्शन लेगी। वहीं अखिलेश यादव ने भी शर्मा को भाजपा का टेस्टेड एजेंट कहा है।