शिमला: तकनीकी संस्थानों में ग्रेडिंग और पाठ्यक्रम सुधार के बड़े फैसले
Shimla: Major decisions on grading and curriculum
शिमला। तकनीकी शिक्षण संस्थानों में गुणात्मक सुधार के लिए सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। सरकारी व निजी क्षेत्रों में चल रहे औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) और पॉलीटेक्निक संस्थानों की ग्रेडिंग करवाने का निर्णय लिया है। संस्थानों के पास मौजूद सुविधाएं व अन्य मानकों के आधार पर उनके ए, बी व सी आधार पर ग्रेड तय किए जाएंगे।
वीरवार को राज्य सचिवालय में तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में तकनीकी संस्थानों के पाठ्यक्रम में भी बदलाव की मंजूरी दी गई है।
बाजार के अनुरूप पाठ्यक्रम बनेगा
बाजार की मांग के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार किया जाएगा। पाठ्यक्रम में बदलाव आइटीआइ, पालटेक्निक, फार्मेसी व इंजीनियरिंग संस्थानों में होगा जो तकनीकी शिक्षा विभाग के अधीन आते हैं। धर्माणी ने तकनीकी शिक्षा बोर्ड को निर्देश दिए कि बाजार की मांग के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार करें।
बैठक में रोजगार क्षमता बढ़ाने और युवाओं में उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए मजबूत इंडस्ट्री लिंकेज और अप्रेंटिसशिप कार्यक्रम शुरू करने का भी निर्णय लिया गया। छात्राओं के लिए छात्रवृति, 2 करोड़ का इनोवेशन फंड, बायो फार्मा कोर्स होगा शुरू
छात्राओं के लिए छात्रवृति योजना
तकनीकी संस्थानों में पढ़ रही छात्राओं के लिए सरकार नई छात्रवृति योजना शुरू करेगा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि बैठक में इस पर विस्तृत चर्चा की गई है। जल्द ही इसे कैबिनेट में रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य में सरकारी और निजी तकनीकी शिक्षा संस्थानों में हैकाथॉन और स्किल प्रतियोगिताओं का आयोजन करवाया जा रहा है। इस प्रकार के आयोजनों से युवा अपने हुनर को प्रदर्शित कर पा रहे हैं।
इनोवेशन फंड से नवाचार को बढ़ावा
धर्माणी ने कहा कि अत्याधुनिक पहलों को शुरू करने के लिए दो करोड़ रुपये के इनोवेशन फंड से युवाओं के नवाचारों को बढ़ावा दिया जाएगा। इस पहल से राज्य में स्टार्ट-अप इको सिस्टम को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल के युवा नवीन विचारों और उर्जा से परिपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण पर विशेष बल दे रही है।
पाठ्यक्रम में सफल उद्यमियों की सफलता की कहानियां होगी शामिल
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों के पाठ्यक्रमों में प्रदेश के सफल उद्यमियों की सफलता की कहानियों को शामिल किया जाना चाहिए ताकि युवा इनसे प्रेरणा ले सकें। उन्होंने कहा कि सरकारी तकनीकी संस्थानों में शिक्षा ग्रहण कर रहे प्रशिक्षु राष्ट्रीय स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं।
हिमुडा देगा स्किल ट्रेनिंग
हिमुडा द्वारा तकनीकी शिक्षण संस्थानों में पढ़ रहे युवाओं की स्किल ट्रेनिंग के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उद्योग विभाग के रिसोर्स पर्सन युवाओं को उद्यम स्थापित करने के लिए प्रेरित करेंगे। शिक्षण संस्थानों के पाठ्यक्रमों में एआई संबंधित कार्यक्रमों का समावेश किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बोर्ड द्वारा विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से ग्रीवांस पोर्टल भी शुरू किया गया है। बैठक में विशेष सचिव सुनील शर्मा, निदेशक अक्षय सूद और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।